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गूंजी या हुसैन की सदाएं, घरों में रखे थे ताजिए

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मौहर्रम पर इमान हुसैन की याद में निकाले गए ताजिए के साथ मुस्लिम समाज के युवा। - फोटो : HARIDWAR
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हजरत इमाम हसन-हुसैन सहित कर्बला के शहीदों की याद में मोहर्रम पर कोरोना के वजह से कहीं जुलूस नहीं निकाला गया। शहर में किसी तरह का सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हुआ। अकीकतमंदों ने इमाम हुसैन की याद में ताजिए घरों में ही रखे। रात के समय ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से 10 वीं मोहर्रम की रस्मों को घर पर ही पूरा किया। घर में ही लोगों ने नमाज पढ़ी। मोहर्रम कमेटी घोसियान के आशिक अंसारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार न तो जुलूस निकाला गया और न ही कर्बला पर करतब ही दिखाए गए। लोगों ने घरों में ही फातिहा पढ़ा और सत्य के लिए कुर्बान हुए हजरत इमाम हुसैन के बताए रास्ते पर चलने की शपथ ली। घरों में ही छोटी ताजिया का निर्माण किया और ताजिया दफन करने की परंपरा को शांतिपूर्ण तरीके से किया गया।
मैदानियान ताजिया कमेटी के खलीफा हाजी शहाबुद्दीन अंसारी कहा कि मानवता की रक्षा के लिए इराक के कर्बला शहर में इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ थे। जबकि यजीद की हजारों की फौज कर्बला के मैदान में थी। यजीद ने उनके परिवार और साथियों पर बहुत जुल्म ढाएं। छोटे बच्चों और महिलाओं को भूखे प्यासे शहीद किया था। तब से हर साल सुन्नी ताजिये निकालकर उनकी शहादत को याद करते हैं। जबकि शिया समुदाय नोहाख्वानी कर मातम मानते हैं।
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शुक्रवार को ज्वालापुर के मैदानियान, घोसियान, अहबाबनगर, मंडी का कुआं, कैथवाड़ा, तेलियान, कोटरवान, लोधामंडी आदि में घरों के प्रांगण में ताजिए निकालकर रखे गए। मोहर्रम कमेटी घोसियान के आशिक अंसारी, फिरोज अंसारी, आदिल, खुशनसीब, शाहिद और कादरी ताजिया कमेटी के खलीफा इरफान, हाजी गुलजार अंसारी, शहराज खान, अय्यूब अंसारी, इकराम ठेकेदार, फैजान अंसारी, मेहराज खान, दानिस तन्नू हासिर अंसारी और मैदानियान ताजिया कमेटी के खलीफा हाजी शहाबुद्दीन अंसारी व सोसायटी के फरमान अंसारी, सोनू अंसारी, आफताब, दानिश ने इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने बताया कि मोहर्रम को लेकर जिले में पुलिस सतर्क रही। कोविड से बचाव के नियमों को सख्ती से पालन कराया गया। सादगी के साथ मोहर्रम संपन्न हो गया।
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गांव घिस्सूपुरा में याद किए गए इमान हुसैन
पथरी। गांव घिस्सूपुरा में इमाम हुसैन की याद ताजा करने व अकीदतमंदों ने ताजिए रखे गए। देश मे चल रही कोविड 19 महामारी को देखते व कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए जुलूस नहीं निकाला गया। घिस्सूपुरा में अखाड़ा के उस्ताद सकील, मोहम्मद जाकिर, शमशेर अली, सकील अहमद, सलीम अहमद, मोहम्मद यूसुफ आदि मौजूद रहे। थानाध्यक्ष दीपक कठैत ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात रहा। संवाद
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