हरिद्वार। विश्व हिंदू परिषद ने उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड भंग करने समेत देवभूमि के सभी मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग की है। इसके लिए धर्मनगरी में हुई दो दिवसीय बैठक में प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा गया।
श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन राजघाट कनखल में परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति और प्रन्यासी मंडल की बैठक हुई। इस मौके पर केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम अधिनियम 2019 को भंग कर राज्य के सभी मठ मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर सामाजिक और धार्मिक व्यक्तियों की ओर से तीर्थस्थलों के संचालन की व्यवस्था हो। कहा कि श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए भारत में 5,37,190 गांवों के 12,00,75,135 परिवार तक संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अवैध रूप से धर्मांतरण को रोकने के लिए केंद्रीय कानून बनाने की आवश्यकता है।
डॉ. सुरेंद्र जैन कहा कि देश की स्वतंत्रता पर गर्व है, लेकिन अभी यह पूर्ण स्वतंत्रता नहीं है। बलिदानियों के अधूरे कार्यों और संकल्पों को पूरा करना सबका कर्तव्य है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री धर्माचार्य संपर्क अशोक तिवारी, क्षेत्र समरसता प्रमुख वीरेंद्र, क्षेत्र प्रमुख धर्म प्रसार राजेंद्र फोगाट, प्रांत उपाध्यक्ष चिंतामणि सेमवाल, क्षेत्र संगठन मंत्री मनोज वर्मा और संध्या कौशिक आदि मौजूद रहे।