ेयजल निगम के कार्यालय में हंगामा करते भारतीय किसान यूनिय रोड गुट के किसान ।
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ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट से आक्रोशित ग्रामीणों ने भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट के नेतृत्व में पेयजल निगम के कार्यालय में जमकर हंगामा काटा। गुस्साए ग्रामीणों ने कार्यालय के अंदर ही अधिकारियों को बंधक बना लिया। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं। न तो हैंडपंपों से ग्रामीणों को पीने का पानी मिल रहा है और न ही ओवरहेड टैंकों से घरों तक पानी पहुंच रहा है। अधिकारियों ने किसानों को पेयजल योजनाओं का लाभ पहुंचाने का आश्वासन दिया। तब जाकर किसान माने और लौटे।
शुक्रवार को दोपहर में करीब 12 बजे भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी पद्म सिंह रोड़ के नेतृत्व में किसान बड़ी संख्या में रोडवेज के पास स्थित पेयजल निगम के दफ्तर पहुंचे। किसानों ने पेयजल निगम के अधिशासी कार्यालय में घुसकर हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान मौके पर पहुंची सहायक अभियंता दीक्षा नौटियाल को भी कार्यालय में बंधक बना दिया गया। पद्म रोड़ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जा रहे सार्वजनिक हैंडपंपों को मोटर डालकर निजी प्रयोग में लिया जा रहा है। इसके कारण सामान्य ग्रामीणों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
किसानों के हंगामे की सूचना मिलने पर अधिशासी अभियंता मोहम्मद मीसम अहमद भी देहरादून से दफ्तर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। उन्हें भी किसानों ने कार्यालय में ही बंधक बना लिया। बाद में उन्होंने समस्त जेई को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा कि किसानों की समस्याओं का हल किया जाएगा। किसी हैंडपंप पर अवैध रूप से कब्जा है तो उसे हटवाकर सार्वजनिक हित में लाया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इससे करीब 3:30 बजे किसान अपने गांवों की ओर लौटे। इस मौके पर संजीव कुशवाहा, युवा जिलाध्यक्ष प्रदीप त्यागी, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद मुबारिक अली, इंद्र रोड, चौधरी रजत रोड, दीपक कश्यप, राजवीर, महेंदर सैनी, धनश्याम, सोनू, अरशद आदि मौजूद रहे।