केंद्र सरकार की ओर से ग्रामीणों को उनकी संपत्तियों का मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना तो शुरू कर दी गई है। पर धन के अभाव में 48 गांवों के संपत्ति बांटे नहीं जा सके हैं और यह कार्ड धूल फांक रहे हैं। पंचायत विभाग के पास संपत्ति कार्ड बांटने के लिए बजट नहीं है और राजस्व विभाग ने उधार में संपत्ति कार्ड देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
केंद्र सरकार की ओर से ग्रामीणों की जमीनों, मकानों आदि संपत्तियों का मालिकाना हक दिलाने के लिए 24 अप्रैल 2018 से प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत ग्रामीणों की संपत्तियों का आंकलन करने के बाद उन्हें संपत्ति कार्ड वितरित किए जा रहे हैैं। संपत्ति कार्ड मिलने से ग्रामीणों को अपनी संपत्तियों का मालिकाना अधिकार मिल रहा है। इससे वह शहरों की तर्ज पर संपत्ति कार्ड से ऋण भी बैंकों से ले सकते हैं। पंचायत विभाग को योजना का नोडल बनाया गया है। हालांकि, योजना के कार्ड बनाने से लेकर सभी प्रक्रिया पूरी करने का जिम्मा राजस्व विभाग का है।
राजस्व विभाग कार्ड तैयार करके पंचायत विभाग को देता है। जिन्हें पंचायत की ओर से 20 रुपये प्रति कार्ड शुल्क लेकर वितरित करने हैं। जनपद के 457 गांवों में संपत्ति कार्ड बांटे जाने हैं। अभी तक 273 गांवों में संपत्ति कार्ड ग्रामीणों को दिए भी जा चुके हैं। अब भी 184 गांवों में संपत्ति कार्ड बांटे जाने हैं। जबकि 48 गांवों के संपत्ति कार्ड बनकर तैयार भी हो चुके हैं। लेकिन पंचायत विभाग के पास कार्डों को लेने के लिए बजट ही नहीं है। राजस्व विभाग की ओर से भी बिना बजट के कार्ड देने से साफ तौर पर मना कर दिया गया है। संपत्ति कार्ड कलक्ट्रेट में पड़े हैं। संवाद
पूर्व में बांटे कार्डों का भी नहीं हुआ भुगतान
ग्रामीणों को विशेष दिवसों और अभियान चलाकर कार्ड बांटे गए हैं। लेकिन एक तो ग्रामीणों की ओर से कार्ड का 20 रुपये का शुल्क देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। वहीं, दूसरे कर्मचारी भी शुल्क लेने में हीलाहवाली कर रहे हैं। इससे राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक पूर्व में ग्रामीणों को बांटने के लिए दिए गए कार्डों का भी पूरा भुगतान नहीं दिया गया है। पैसा नहीं दिए जाने से राजस्व विभाग ने कार्ड देने से मना कर दिया है।
पंचायती दिवस पर बांटने थे कार्ड
जिला प्रशासन की ओर से तैयार संपत्ति कार्डों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर ग्रामीणों को बांटने की योजना थी। इसके लिए राजस्व विभाग भी कार्ड देने के लिए तैयार बैठा था। पर पंचायत विभाग की ओर से बजट का रोना रो दिए जाने से कार्ड बांटने की योजना धरी की धरी रह गई।
प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के संपत्ति कार्ड बांटने के लिए बजट नहीं मिला है। इसलिए कार्ड नहीं लिए जा रहे हैं। बजट मिलते ही कार्ड ग्रामीणों को वितरण करने शुरू कर दिए जाएंगे।
- अतुल प्रताप सिंह, डीपीआरओ, हरिद्वार