जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि उत्तराखंड की पावन धरती पर आकर तीर्थयात्रा के नाम पर जो लोग भोगविलास करते हैं, शराब पीते हैं वह सभी नर्क में जाएंगे।
तीर्थ स्थानों पर भोग विलासिता और शराब तीर्थयात्रियों ने पी तो वह गंगा नाराज हो गई और इसी कारण केदारनाथ में आपदा आई। उन्होंने कहा कि आज कई लोगों को भगवान मानते हुए सनातन धर्म और हमारे मंत्रों के साथ शास्त्रों को भी बिगाड़ा जा रहा है।
हरिद्वार के कनखल स्थित अपने मठ में पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि उत्तराखंड में पहले श्रद्धालु तीर्थयात्रा की भावना से आते थे।