हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत बृहस्पतिवार को श्यामपुर थाने में समर्थकों संग धरने पर बैठ गई। अनुपमा रावत ने कार्यकर्ताओं पर पुलिस उत्पीड़न का आरोप लगाया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की फोटो साथ लेकर धरने पर बैठी अनुपमा रावत ने आरोप लगाया कि पुलिस पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के इशारों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बेवजह परेशान कर रही है। देर शाम सीओ सिटी के जांच के आश्वासन के बाद उन्होंने धरना हटा लिया।
जानकारी के मुताबिक, चुनाव के बाद भाजपा नेता और कांग्रेस कार्यकर्ता के बेटे में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों में गाली-गलौज हुई थी। उस समय मामला शांत हो गया था। बृहस्पतिवार को भाजपा के एक कार्यकर्ता ने पुलिस को गाजीवाली के एक किशोर के खिलाफ शिकायत की थी। पुलिस किशोर को थाने बुलाने का प्रयास कर रही थी। इसकी जानकारी विधायक अनुपमा रावत को मिली तो वह श्यामपुर पुलिस थाने पहुंच गई। कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अनुपमा रावत श्यामपुर थाना में धरने पर बैठ गई। समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। अनुपमा रावत ने आरोप लगाया कि पुलिस स्वामी यतीश्वरानंद के इशारे पर उनके समर्थकों को परेशान कर रही है। समर्थकों को बेवजह घरों से उठाकर ले जा रही है। छोटे बच्चों तक को बख्शा नहीं जा रहा है। वहीं थानाध्यक्ष श्यामपुर अनिल चौहान ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सीओ शेखर सुयाल भी मौके पर पहुंचे। अनुपमा ने कहा कि थानाध्यक्ष को हटाया जाए। धरने में अनुपमा के साथ राजीव चौधरी, श्रुति लखेडा, अजय चौधरी, नंदराम सिंह, सोनू अंसारी, शैलेंद्र पाठक, नौशाद, परमजीत सिंह, साबिर अली शामिल रहे।