उत्तर प्रदेश के शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के खिलाफ कोतवाली में एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। इस बार पुलिस ने देहरादून निवासी युवक की शिकायत पर धारा 153 ए किसी धर्म जाति या संप्रदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और 295 ए किसी व्यक्ति द्वारा द्वेषपूर्ण भावना से किसी भी धर्म जाति के खिलाफ अपमानजनक बात करने की धाराओं में केस दर्ज किया है।
नगर कोतवाल राकेंद्र कठैत ने बताया कि नदीम कुरैशी निवासी धामावाला देहरादून ने एसएसपी देहरादून ने शिकायती पत्र देकर बताया कि शिया वक्फ बोर्ड यूपी के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने 12 नवंबर 2021 को हरिद्वार के देवपुरा स्थित प्रेस क्लब में अपनी किताब का विमोचन किया। इस दौरान वसीम रिजवी ने धर्म विशेष के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की थी। नदीम कुरैशी का कहना है कि इससे भारत में रहने वाले धर्म विशेष के लोगों की भावनाएं आहत हुई। अनर्गल बयानबाजी से संपूर्ण विश्व में भारत की धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की छवि को धूमिल कर देशद्रोह का कार्य किया है। भारत ऐसा देश है जो सभी धर्मों के प्रतीक व पूजनीय ईष्ट के सम्मानजनक आदर की सुरक्षा प्रदान करता है।
नदीम ने वसीम रिजवी के साथ ही कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने वसीम रिजवी पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और अशांति, असुरक्षा उत्पन्न करने व देश की छवि धूमिल करने के लिए राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। जिसके बाद शिकायत को हरिद्वार नगर कोतवाली में भेजा गया। कोतवाल राकेंद्र कठैत ने बताया कि वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के खिलाफ धारा 153 ए और 295 ए में मुकदमा दर्ज किया गया है।