रोशनाबाद। 15 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर कर ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई करते हुए अपर जिला जज/एफटीएससी पारूल गैरोला ने आरोपी को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास व 65 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई ।
शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने बताया कि नौ सितंबर 2017 को ज्वालापुर क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने अपनी बेटी के लापता होने की सूचना दी थी। शिकायतकर्ता पिता ने आरोपी युवक पर परिजनों की गैरमौजूदगी में घर पर अकेली नाबालिग पुत्री से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी। न्यायालय के आदेश पर आरोपी बादल निवासी ग्राम सराय कोतवाली ज्वालापुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए गए थे।
न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी बादल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे। दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने और बहस को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी बादल को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 65 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने पीड़िता को आर्थिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपये की धनराशि देने के साथ ही आर्थिक सहायता दिलाने के लिए निर्णय की एक प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में भेजकर निर्भया फंड से उचित प्रतिकर धनराशि दिलाने के निर्देश दिए हैं। अर्थदंड धनराशि 65 हजार रुपये जमा न करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने के आदेश दिए गए हैं।
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