उत्तराखंड में मची तबाही के बाद बड़े पैमाने पर छेड़े गए राहत-बचाव अभियान से हजारों की जिंदगी बचाने में मदद मिली है। लेकिन इस राहत अभियान ने एक दिक्कत भी पैदा कर दी है।
यह समस्या खड़ी हुई राहत-बचाव अभियान से फैल रहे कूड़े से। लेकिन एक शख्स है, जो इस कूड़े के खिलाफ जंग छेड़े है। ब्रिटिश नागरिक जोडी अंडरहिल देहरादून के दूर हेलीड्रॉम में लगे फूड स्टॉल से फेंका जाने वाला कूड़ा साफ कर रही हैं।
ये स्टॉल बचाए गए श्रद्धालुओं और उनके रिश्तेदारों को खाने का सामान मुहैया करा रहे हैं, जो हेलीपैड पर एकत्र हुए हैं।
अंडरहिल ने हेलीपैड और भारत को कूड़ा-मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। उनके हाथ में हमेशा कूड़ा बीनने वाला थैला रहता है और उनका नाम गारबेज गर्ल पड़ गया है।
वेस्ट वॉरियर्स की संस्थापक और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर अंडरहिल ने कहा, 'यह देखकर दिल दुखता है कि हेलीड्रॉम में हर जगह कूड़ा बिखरा हुआ है। मैं आज अपने स्टाफ के साथ वहां पहुंची और चुपचाप वह काम शुरू कर दिया, जो हम सबसे अच्छा करते हैं। कूड़ा बीनने का।'
अंडरहिल के मुताबिक उत्तराखंड में आई बाढ़ एक चेतावनी भर है, क्योंकि कुदरत हमें बताना चाहती है कि बहुत हो चुका और अब संभलने का वक्त आ गया है।
उन्होंने कहा, 'बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति केवल संवेदना जताने के बजाय हमें भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए बदलाव लाने पर सोचना चाहिए।'