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Champawat: बीमार को अस्पताल पहुंचाने के लिए चार घंटे पैदल चले ग्रामीण, डोली से सड़क तक पहुंचाया; अब इलाज शुरू

Mon, 13 May 2024 03:41 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत

सार

चंपावत जिले के भंडार बोरा गांव के एक बुजुर्ग को ग्रामीण डोली से पांच किमी सड़क तक लाए। फिर वाहन से इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। उबड़ खाबड़ रास्तों से होते हुए ग्रामीणों ने बड़े संघर्ष के बाद बीमार को सड़क तक पहुंचाया।
 
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बीमार को चार घंटे डोली से पहुंचाया अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंपावत जिला मुख्यालय से करीब 23 किमी दूर स्थित ग्राम पंचायत भंडार बोरा गांव के एक बुजुर्ग को ग्रामीण डोली से पांच किमी सड़क तक लाए। फिर वाहन से इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। उबड़ खाबड़ रास्तों से होते हुए ग्रामीणों ने बड़े संघर्ष के बाद बीमार को सड़क तक पहुंचाया।

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जानकारी के मुताबिक सोमवार को ग्राम पंचायत भंडार बोरा के रौकुंवर निवासी बुजुर्ग शिवराज सिंह (68) पिछले तीन दिन से बीमार चल रहे थे। तबीयत ठीक नहीं हुई तो ग्रामीणों ने रात को ही निर्णय लिया कि तड़के सुबह पांच बजे बीमार बुजुर्ग को डोली से अस्पताल ले जाएंगे। प्लास्टिक की कुर्सी में दो लकड़ी के डंडे लगाकर डोली बनाई। फिर 14 ग्रामीण चल दिए बीमार को लेकर सड़क की तरफ। बारी-बारी से डोली को कंधा देते रहे। थकावट भरे सफर में उन्हें थोड़ा आराम भी करना पड़ा। करीब चार घंटे बाद ग्रामीण सड़क तक पहुंचे। कुछ ग्रामीण डोली लेकर वापस गांव की तरफ चल दिए। फिर बीमार को वाहन से 18 किमी दूर अस्पताल लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उनका इलाज कर उन्हें भर्ती किया।
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ग्रामीण तारा सिंह, लक्ष्मण सिंह, रमेश सिंह, केदार सिंह, जगत सिंह, मनोज सिंह, सुरेश सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रहलाद सिंह, विक्रम सिंह, दीपक सिंह, तेज सिंह, पूरन सिंह, नवीन सिंह ने बीमार बुजुर्ग को सड़क तक पहुंचाया।
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सड़क नहीं होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बीमार, गर्भवतियों को डोली के सहारे ही लाया जाता है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र से पलायन भी बढ़ रहा है। सड़क को लेकर कई पर विभाग, प्रशासन, सीएम कैंप कार्यालय में ज्ञापन भी दे चुके हैं। सड़क बनती तो राह आसान हो जाती।
-महेश सिंह कुंवर, प्रधान।

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