बाराकोट के भारतोली में चट्टान की मिट्टी का परीक्षण करते भू वैज्ञानिक।
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लोहाघाट (चंपावत)। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में भारतोली के पास हुए भारी भूस्खलन के बाद भूगर्भीय सर्वेक्षण टीम ने गांव का दौरा कर सर्वेक्षण किया है। टीम ने भारतोली गांव को भूस्खलन की दृष्टि से सुरक्षित नहीं बताया है। उन्होंने भूस्खलन की चपेट में आए गांव के लोगों को जल्द अन्यत्र शिफ्ट करने की बात कही है।
शनिवार को भू वैज्ञानिक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में आई टीम ने आपदा की चपेट में आए भारतोली गांव का भूगर्भीय सर्वेक्षण किया। भू वैज्ञानिक प्रदीप कुमार का कहना है कि भारतोली में रोड कटिंग से हुए भूस्लखन से गांव के चार मकानों में रहने वाले आठ परिवारों को काफी खतरा है। उन्होंने बताया कि इस स्थान में दो मकान पूरी तरह से लटके हैं, जो कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। जबकि दो अन्य मकानों की ओर भी भूस्खलन तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन गांव में आगे की ओर बढ़ने की पूरी संभावनाएं हैं। भूस्खलन वाले स्थान में चट्टान नहीं हैं, वहां केवल मिट्टी ही मिट्टी है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक तौर पर दो मकानों में रहने वाले पांच परिवारों को भूस्खलन से अत्यधिक खतरा है, जबकि दो मकानों में रहने वाले तीन परिवार भी खतरे की जद में हैं। उन्होंने बताया कि इन चार मकानों में रहने वाले आठ परिवार लगातार हो रहे भूस्खलन से पूरी तरह से असुरक्षित हैं। बताया कि तीन चार दिन में सर्वेक्षण की विस्तृत रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। इस मौके पर ग्राम प्रधान कविता अधिकारी, पूर्व प्रधान विनोद अधिकारी ने प्रभावित परिवारों को शीघ्र अन्यत्र विस्थापित करने की मांग की है।