टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला में मलबा हटातीं मशीनें। फोटो: संवाद न्यूज एजेंस?
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) खोलने की मशक्कत चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी नाकाफी रही। चार मशीनों से दिनभर काम जारी रहने के बाद भी स्वांला के पास 60 मीटर में से 35 मीटर मलबा ही हटाया जा सका। आपदा नियंत्रण विभाग ने मौसम ठीक रहने और पत्थर नहीं गिरने की दशा में शुक्रवार शाम तक सड़क खुलने की संभावना जताई है।
सोमवार सुबह स्वांला मंदिर के पास पहाड़ी दरकने से एनएच बंद हो गया। 200 मीटर के क्षेत्र में दरकी पहाड़ी से बृहस्पतिवार शाम तक 175 मीटर हिस्से से मलबे को हटाया जा चुका है। डीएम विनीत तोमर का कहना है कि मौसम बिगड़ने और बीच-बीच में मलबा गिरने से अधिक वक्त लग रहा है। अब तक की प्रगति को देखते हुए शुक्रवार शाम तक सड़क खुलने की संभावना है। टनकपुर और चंपावत के बीच वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकी गई है। इस मार्ग पर रीठा साहिब-सूखीढांग होते हुए वाहनों का आवागमन हो रहा है। इसमें यात्रियों को 75 किमी के बजाय 135 किमी दूरी तय करनी पड़ रही है।
... और अब रोडवेज स्टेशन के कमरों पर भी लटका ताला
चंपावत। एनएच बंद होने से रोडवेज के लोहाघाट और टनकपुर डिपो को भारी झटका लग रहा है। चार दिन से बंद टनकपुर-चंपावत सड़क के चलते चंपावत स्टेशन ने गेट बंद करने के बाद बृहस्पतिवार को कार्यालय के कमरों को भी बंद कर दिया। एजीएम एनके गौतम का कहना है कि चंपावत से बसों का संचालन नहीं होने से स्टेशन खोलने का फिलहाल कोई औचित्य नहीं है। निगम की हल्द्वानी की ओर जाने वाली छह बसों को देवीधुरा होते हुए चलाने के अलावा टनकपुर से लोहाघाट डिपो की चार बसों का संचालन किया।