चंपावत। तीन महीने बाद बोर्ड परीक्षा और उससे पहले दिसंबर में प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू होंगी लेकिन अभी अधिकांश विद्यालयों में पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो सका है। कुछ स्कूल जरूर अपवाद है। अधूरे पाठ्यक्रम की वजह शिक्षकों की कमी है। हाल तो यहां तक हैं कि 15 प्रतिशत विद्यालयों में अभिभावक ही शिक्षकों का मानदेय देने को मजबूर हैं।
चंपावत जीजीआईसी में ही छात्राओं को पढ़ने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है। यहां एकमात्र स्थायी प्रवक्ता है। प्रभारी प्रधानाचार्य भुवनेश्वरी नेगी ने बताया कि अभिभावक संघ ने अभिभावक कोष से चार (हिंदी, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान और कंप्यूटर विज्ञान) विषयों के शिक्षक रखे हैं। इसके लिए हर छात्रा से 20 रुपये प्रति विषय के हिसाब से शुल्क लिया जाता है।
अभिभावक संघ का कहना है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए शिक्षकों की सरकारी स्तर पर तैनाती नहीं होने से अभिभावक कोष से कामचलाऊ व्यवस्था करना मजबूरी है। ऐसी नौबत अकेली जिला मुख्यालय के जीजीआईसी की ही नहीं है बल्कि जिले के 16 अन्य विद्यालयों की भी है। चंपावत जिले के 17 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए शिक्षकों के कुल 1321 पदों में से 297 पद खाली हैं।
कोट
जिले में शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए निदेशालय से आग्रह किया गया है। चंपावत जीजीआईसी सहित कई विद्यालयों में अभिभावक कोष से शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था कर काम चलाया जा रहा है। - भारत जोशी, प्रभारी सीईओ, चंपावत।
शिक्षा विभाग ने नहीं सुनीं तो अभिभावकों ने अपने खर्च पर रख दिए शिक्षक
अटल उत्कृष्ट इंटर काॅलेज गंगोलीहाट का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर काॅलेज गंगोलीहाट कई वर्षों से शिक्षकों की कमी का दंश झेल रहा है। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के पद नहीं भरे तो बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित अभिभावकों को अपने खर्च पर शिक्षक रखने पड़े।
दो वर्ष पूर्व सरकार ने सीबीएसई पैटर्न में पढ़ाई की बात जोर-शोर से प्रसारित की थी। हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों से पढ़ाई होने की आस दिखाई थी लेकिन शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की। ऐसी ही स्थिति अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर काॅलेज गंगोलीहाट की भी है।
वर्तमान में विद्यालय में हिंदी, भौतिक विज्ञान, राजनीतिक विज्ञान, वाणिज्य, अर्थशास्त्र विषय के प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। एलटी में अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान और कला पढ़ाने वाला कोई नहीं है। अभिभावक संघ ने इन विषयों में पढ़ाई के लिए शिक्षकों व्यवस्था की है।
सरकारी स्कूल होने के बाद भी पीटीए से रखे गए शिक्षकों को अभिभावक वेतन दे रहे हैं। सरकारी विद्यालयों में गरीब और निम्न और मध्यम परिवार के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। ऐसी स्थिति में वेतन की व्यवस्था करना अभिभावकों को भारी पड़ रहा है। विद्यालय में 652 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
पीटीए के माध्यम से शिक्षकों को किया जाता है 56 हजार का भुगतान
गंगोलीहाट। अटल उत्कृष्ट इंटर काॅलेज गंगोलीहाट में प्रवक्ताओं के 11 पद हैं। इनमें से पांच पद खाली हैं। तीन में स्थायी शिक्षक और तीन अतिथि शिक्षक हैं। इसी तरह एलटी में 10 पद हैं। इनमें से तीन खाली हैं। पीटीए के माध्यम से रखे गए शिक्षकों को प्रतिमाह 56,000 मानदेय दिया जाता है। शिक्षकों को न्यूनतम सात हजार और अधिकतम नौ हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। संवाद
शिक्षकों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक न होने से बच्चों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को शीघ्र शिक्षकों की तैनाती करनी चाहिए। - जगदीश बोरा, पीटीए अध्यक्ष।
सीबीएसई पैटर्न में प्रशिक्षित शिक्षक छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे इस आशा के साथ हमने अपने बच्चे जीआईसी भेजे लेकिन वहां शिक्षक नहीं हैं। जल्दी शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए। - - कमल सुगड़ा, अभिभावक।
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शैक्षिक स्तर को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अटल उत्कृष्ट इंटर काॅलेज के लिए शासन से शिक्षक मिलने हैं। शीघ्र ही रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। - अशोक कुमार जुकरिया, सीईओ पिथौरागढ़।