लोहाघाट में हैंड पंप से पानी भरने के लिए बारी का इंतजार करते लोग। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। नगर लोहाघाट में पेयजल संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। मांग के अनुरूप मात्र 25 फीसदी ही पानी मिल पा रहा है। इससे जल संस्थान के व्यवस्था बनाने में पसीने छूट रहे हैं। लोगों ने जल्द समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
नगर के लिए प्रतिदिन 2160 केएल पानी की जरूरत है। इसके सापेक्ष चार योजनाओं और वाहनों से प्रतिदिन 530 केएल पानी मिल पा रहा है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने बताया कि लोहाघाट नगर में पेयजल व्यवस्था करने में जल संस्थान नाकाम साबित रहा है। लोग पेयजल के लिए हैंड पंप, नौले और धारों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। जल संस्थान माह में मात्र 10 दिन पानी दे रहा है जबकि बिल पूरा वसूल रहा है।
कई बार लोगों ने जल संस्थान से समस्या का समाधान करने की मांग की लेकिन कुछ नहीं हुआ। बृजेश माहरा आशू वर्मा ने बताया कि जल संस्थान जल कर पूरा लेता है लेकिन मानकों के अनुसार पेयजल उपलब्ध नहीं कराता है। उन्होंने बताया कि पालिका की ओर से पूर्व में लगाए हैंडपंप, नौले और धारों में जाकर पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं।
चार योजनाओं से नगर के लिए आता है पानी
लोहाघाट। नगर के लिए वर्षों पूर्व चार पेयजल योजनाओं का निर्माण किया गया था। लोहाघाट नगर की पूरी निर्भरता करीब 44 साल पूर्व बनी चौड़ी लिफ्ट पेयजल योजना पर टिकी हुई है। साथ ही बनस्वाड़, फोर्ती योजना और ऋषेश्वर नलकूप से लोहाघाट नगर के लिए पेयजल आपूर्ति की जाती है। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ योजनाओं के जल स्तर में भारी कमी आ गई है।
कोट
चार योजनाओं के अतिरिक्त वाहनों से प्रतिदिन एक लाख लीटर पानी लोहाघाट नगर में दिया जा रहा है। नगर के लिए प्रतिदिन 2160 केएल पानी की आवश्यकता है। इसके सापेक्ष नगर के लिए बनी चार पेयजल योजनाओं से करीब 430 केएल पानी ही मिल पा रहा है। वाहनों से एक लाख लीटर यानि 100 केएल पानी मेन टैंक में डाला जा रहा है। लंबे समय से अच्छी बारिश नहीं होने से स्रोतों में पानी कम हो रहा है। पेयजल समस्या वाले गांवों में भी वाहनों के जरिये पानी का वितरण किया जा रहा है। - पवन बिष्ट, सहायक अभियंता, जल संस्थान चंपावत।