फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाटी डिग्री कॉलेजों को मिलेगा अपना प्राचार्य

विज्ञापन
जौलाड़ी में बन रहा है पाटी राजकीय डिग्री कॉलेज भवन। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
चंपावत/पाटी। प्राचार्य विहीन पाटी के राजकीय डिग्री कॉलेज को अब स्थायी प्राचार्य मिल सकेगा। शासन ने इस कॉलेज के लिए प्राचार्य पद को सृजित कर दिया है। शासन ने 21 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी है। वर्ष 2019 में खुले इस कॉलेज में प्राचार्य का पद स्वीकृत नहीं था और यहां का प्रभार 13 किमी दूर देवीधुरा राजकीय डिग्री कॉलेज के जिम्मे था। दो अन्य विषयों को भी मंजूरी मिली है।
विज्ञापन

मई 2019 से संचालित पाटी राजकीय डिग्री कॉलेज का स्थायी प्राचार्य नहीं था। यहां तक कि ये पद भी सृजित नहीं था। इसे कारण पाटी के प्राचार्य का प्रभार देवीधुरा कॉलेज के पास था। अब यह दिक्कत दूर हो जाएगी। शासन के अपर सचिव एमएम सेमवाल के हस्ताक्षरों से जारी आदेश में पाटी डिग्री कॉलेज में प्राचार्य का पद स्वीकृत हो गया है। अभी प्राचार्य के पद पर किसी की तैनाती नहीं हुई है।
प्रवक्ता जगत सिंह बिष्ट ने बताया कि अभी पाटी कॉलेज में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, समाजशास्त्र के चार विषय पढ़ाए जा रहे हैं, जिनमें 177 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। हिंदी और संस्कृत के सहायक प्रोफेसर के पद भी खाली हैं। प्राचार्य का पद सृजित करवा दो नए विषयों को मंजूरी मिलने पर क्षेत्र के लोगों ने विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का आभार जताया है।
विज्ञापन

इतिहास और शिक्षाशास्त्र विषय भी मंजूर
पाटी (चंपावत)। प्राचार्य के पद के अलावा दो नए विषय इतिहास और शिक्षाशास्त्र को मंजूरी देकर इन विषयों के सहायक प्रोफेसरों के पद भी सृजित किए गए हैं। इसी के साथ अब विषयों की संख्या चार से बढ़कर छह हो जाएगी। सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष का एक पद भी स्वीकृत किया गया है। बुक लिफ्टर, अनुसेवक, स्वच्छक के एक-एक पद को आउटसोर्स से भरा जाएगा। दो नए विषय खुलने से अब कॉलेज में बीए छह विषय हो जाएंगे।
जौलाड़ी में बन रहा है कॉलेज का भवन
पाटी (चंपावत)। बंद हो चुके राजकीय प्राथमिक स्कूल के कमरों में दो साल से पाटी का कॉलेज संचालित किया जा रहा है। पाटी के पास जौलाड़ी में 100 नाली जमीन पर भवन निर्माण का काम चल रहा है।

पाटी के बंद हो चुके प्राथमिक स्कूल में फिलहाल चलता है राजकीय महाविद्यालय। फोटो: संवाद न्यूज एजें?- फोटो : CHAMPAWAT

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें