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आज खुलेगी 23 अगस्त से बंद सड़क!

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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला में मलबे को हटाती मशीन। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला में दरकी पहाड़ी को बंद हुए 10 दिन पूरे हो गए हैं। बुधवार को मलबा हटाने की गति बेहतर रही। इसके मद्देनजर बृहस्पतिवार को सड़क खुलने की उम्मीद है।
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एनएच खंड के एई विवेक सक्सेना ने बताया कि बुधवार को 25 मीटर मलबा हटाया गया। उन्होंने बृहस्पतिवार दोपहर तक सड़क आवाजाही के लिए सुचारु होने की उम्मीद जताई। स्वांला में मलबा आने 23 अगस्त से एनएच बंद है।
बुधवार को मौसम ठीक रहने और पहाड़ी से कम मलबा आने से 25 मीटर सड़क साफ की गई। वहीं चंपावत जिले की चार सड़कें खटोली मल्ली-वैला, अमोड़ी-छतकोट, मौनकांडा-सिमली, बाराकोट-कोठेरा अब भी बंद हैं।
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विकल्प कई थे लेकिन नहीं हुआ कोई काम
1. दियूरी से चल्थी तक नौ किमी की सड़क की कटिंग लंबे समय से रुकी है। लोनिवि ने 1.24 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है, अभी मंजूरी नहीं मिली है। इस मार्ग का कुछ हिस्सा दो साल पहले विधायक निधि से काटा भी गया था, लेकिन देखरेख न होने से मलबे से पट गया। इस सड़क से चल्थी से दियूरी होकर एनएच पर धौन से जुड़ाव होता।
2. लोग सात साल से अमोड़ी-सिप्टी सड़क पर बुड़ाखेत में क्वैराला नदी पर 100 मीटर लंबा बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इसकी अनदेखी हुई। यह पुल अमोड़ी से सिप्टी-ललुवापानी होकर सीधे चंपावत पहुंचा देता।
3. रीठा साहिब-सूखीढांग सड़क पर डामर होता तो इस रूट से गुजरने वालों को झटके से निजात मिलती। इस समय चंपावत-टनकपुर के बीच इसी रूट से आवाजाही हो रही है।
हालांकि इस मार्ग से आवाजाही पर 75 के बजाय 150 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है, लेकिन मार्ग कच्चा होने से परेशानी और बढ़ी है। सूखीढांग-डांडा-मीनार सड़क के डामरीकरण का मुख्यमंत्री ने 28 फरवरी 2020 को एलान किया था, लेकिन अभी कुछ नहीं हुआ।
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