समग्र शिक्षा की ओर से चंपावत जिले के चारों ब्लॉक के 278 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों के जुलाई के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है। इन विद्यालयों में समग्र शिक्षा की ओर से कराए जा रहे कार्यों को या तो शुरू ही नहीं किया गया या कहीं आधा अधूरा कार्य छोड़ दिया गया है।
जिले के 278 विद्यालयों के प्रधानाचार्य जुलाई का वेतन आहरण नहीं कर पाएंगे। इस विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की लापरवाही के कारण समग्र शिक्षा के कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए एक माह के वेतन पर रोक लगा दी है। इस मामले को अमर उजाला ने 15 जुलाई के अंक में स्कूलों में खाद्य सामग्री खराब हुई तो प्रधानाचार्यों से होगी वसूली शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से सभी खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से निर्देश भी जारी किए गए थे।
जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि जिले के विद्यालयों में निशुल्क गणवेश और विद्यालय अनुदान की धनराशि प्राप्त हुई थी। इसे विद्यालयों में व्यय करने के लिए आवंटित कर दिया गया था। विद्यालयों में खर्च में स्थिति न्यून पाई गई है। इस वजह से जिले के 278 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों के जुलाई 2024 के वेतन पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी गई है।
यह है मामला
जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा चंपावत की ओर से चारों ब्लॉक के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को विद्यालयों को आवंटित धनराशि व्यय नहीं किए जाने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से समय-समय पर गूगल मीट के माध्यम से विद्यालयों की वित्तीय समीक्षा की गई। इसमें चंपावत जिले की व्यय की गति न्यून पाई गई है। राज्य परियोजना निदेशक की ओर से जिले के विद्यालयों में निर्माण की धनराशि प्राप्त होने के बावजूद खर्च की न्यून गति को लेकर असंतोष जाहिर किया गया है।