टनकपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज का भवन। विज्ञप्ति
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टनकपुर (चंपावत)। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज के बीटेक पाठ्यक्रम में प्रवेश शुरू हो गए हैं। जिन छात्रों के माता-पिता या संरक्षक की कोरोना से मृत्यु हुई है, उन्हें सीएम वात्सल्य योजना के तहत निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।
कॉलेज के निदेशक डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि संस्थान में वर्ष 2021-22 के लिए बीटेक पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि बीटेक प्रथम वर्ष में कंप्यूटर साइंस, मेकेनिकल, सिविल इंजीनियरिंग की 60-60 सीटों पर मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जा रहा है।
पॉलीटेक्निक और साइंस ग्रेजुएट उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए बीटेक लेटरल एंट्री (द्वितीय वर्ष) में मेकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग की खाली सीटों पर मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जा रहा है।
निदेशक डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) देहरादून के संघटक संस्थान के रूप में वर्ष 2016 में स्थापित यह इंजीनियरिंग कॉलेज विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के अवसर प्रदान कर रहा है।
हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने इस कॉलेज को उच्च स्तरीय संस्थान के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सीएम वात्सल्य योजना के तहत कोरोना या अन्य महामारी से माता, पिता या संरक्षक की मृत्यु होने पर प्रभावित छात्रों को निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है।