चंपावत। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हिंदी हैं हम कार्यक्रम के तहत पिछले दिनों निबंध, प्रश्नोत्तरी, सुलेख, भाषण आदि प्रतियोगिताएं हुईं थीं। बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीएम विनीत तोमर ने इनके विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया।
डीएम ने कहा कि राजभाषा हिंदी सिर्फ संवाद की भाषा ही नहीं है, बल्कि इसके जरिये देश की भावनात्मक, सामाजिक, सांस्कृतिक एकता मजबूत होती है। डीएम तोमर ने हिंदी भाषा के ज्ञान के साथ ही अन्य भाषाओं को भी सीखने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि बीईओ अंशुल बिष्ट ने कहा कि हिंदी भाषा अब प्रगति के नए कीर्तिमान गढ़ रही है। लोग इस भाषा के जरिये ज्ञान-विज्ञान हासिल कर रहे हैं।
क ार्यक्रम में जीआईसी सिप्टी के शिक्षक मनोज पांडेय, जिला पुस्तकालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह मेहता आदि थे। जीजीआईसी की प्रधानाचार्या निधि सक्सेना की अध्यक्षता में सिप्टी जीआईसी के प्रधानाचार्य सामश्रवा आर्य ने संचालन किया। आयोजन में जीवन अनमोल अस्पताल के प्रबंध निदेशक दीपक जोशी का विशेष सहयोग रहा।
हिंदी हैं हम प्रतियोगिताओं के विजेता
चंपावत जीआईसी - नरेंद्र सिंह, पवन सिंह महर, सुमित बिष्ट, मनोज भट्ट, दिनेश सिंह महर।
चंपावत जीजीआईसी - वैभव खाती, मनीषा दुग्ताल, विनीता पाटनी।
सिप्टी जीआईसी - हिमानी जोशी, मोनी बिष्ट, आंचल महर।
राजकीय पुस्तकालय - लता जोशी, पंकज भट्ट, संदीप खर्कवाल, दीपक चंद्र भट्ट, मनोज जोशी।
उदयन इंटरनेशनल स्कूल - मानसी जोशी, भावेश गड़कोटी, लक्ष्मी नारायण जोशी, अंकित सिंह, मीनाक्षी महरा।
विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज - गौरव जोशी, ललित मोहन जोशी, कुलदीप कुमार।
एबीसी अल्मामैटर पब्लिक स्कूल - अंकिता जोशी, स्वाति जोशी, शिवानी धौनी।
यूसीएसएस - कविता, ललित चंद्र भट्ट, रिचा थ्वाल, हिमांशु जोशी।
... वो मजबूत धागा है हिंदी
जन-जन की भाषा हिंदी, भारत की आशा है हिंदी।
जिसने देश को जोड़े रखा, वो मजबूत धागा है हिंदी।
हिंदुस्तान की गौरव हिंदी, एकता की अनुपम परंपरा हिंदी।
सरल शब्दों में कहा जाए तो, जीवन की परिभाषा हिंदी।
- सामश्रवा आर्य, प्रधानाचार्य, जीआइसी, सिप्टी