चंपावत। अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) की बेटियों और सामान्य जाति की विधवा महिलाओं की बेटियों के विवाह के लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है। चंपावत जिले में इन दोनों श्रेणियों के 26 लोगों को इस योजना का लाभ दे दिया गया है। इस साल 33 और बेटियों के विवाह के लिए बजट उपलब्ध है। योजना का लाभ पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर होता है।
मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 में अब तक एससी-एसटी वर्ग के 22 लोगों की पुत्री और सामान्य जाति की विधवा पेंशन लेने वाली चार महिलाओं को बेटी के विवाह के लिए ये रकम दी जा चुकी है। इस मद में प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये दिए गए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत ने बताया कि इस साल के लिए इस मद में कुल 27.50 लाख रुपये शासन से मिले हैं। विभाग के पास अभी 16.50 लाख रुपये बचे हैं। इस तरह विभाग पात्रता वाली 33 और कन्याओं के विवाह के लिए 28 फरवरी 2022 तक मदद कर सकता है।
चंपावत जिले में तीन साल में मिला लाभ:
वर्ष: सामान्य अभ्यर्थी: एससी-एसटी अभ्यर्थी:
2019: 14- 71
2020: 26- 81
2021: 04- 22
लेकिन योजना की विसंगति पर मौन हैं जनप्रतिनिधि...
चंपावत। गरीब बेटियों के विवाह के लिए 50 हजार रुपये देने वाली समाज कल्याण विभाग की यह योजना खासी राहत देती है। लेकिन योजना में एक खामी है। सामान्य जाति की विधवा पेंशन लेने वाली महिला की बेटी को तो मदद मिलती है, लेकिन गरीब बेटी के माता-पिता दोनों के नहीं होने पर योजना का लाभ नहीं मिलता है। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत ने बताया कि इस साल अनाथ बेटियों का विवाह से संबंधित कोई आवेदन नहीं मिला है। पूर्व में मिले आवेदनों में सहायता देने के लिए निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा गया था, लेकिन मदद नहीं मिल सकी थी। ऐसे मामलों में नीतिगत बदलाव के लिए जन प्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की ओर से भी आवाज नहीं उठाई गई है। संवाद
योजना के लिए ये है पात्रता
:- एससी-एसटी की पुत्री के विवाह के लिए माता-पिता दोनों के होते हुए योजना का लाभ मिलता है।
:- एससी-एसटी के माता-पिता नहीं होने पर कन्या का पालन-पोषण करने वाले व्यक्ति को भी योजना का लाभ दिया जा सकता है।
:- सामान्य जाति में विधवा पेंशन लेने वाली महिला की बेटी के विवाह से योजना का लाभ दिया जाता है।
:- सभी वर्गों में पात्रता के लिए अंत्योदय, बीपीएल या प्रति माह 1250 रुपये की आय जरूरी है।