चंपावत(सतीश जोशी ‘सत्तू’)। जिले में बीस सूत्रीय कार्यक्रम के तहत 293 किमी लंबाई की 60 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। सभी प्रस्तावित सड़कों को वन विभाग की ओर से सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। सभी स्वीकृत सड़कों का निर्माण इसी वित्तीय वर्ष में पूरा किया जाएगा। इसके लिए तीन निर्माणदायी विभागों के निर्माण खंडों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीडीओ आरएस रावत ने बताया कि सिंचाई निर्माण खंड चंपावत और लोहाघाट के अलावा नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कंपनी (एनपीसीसी) को सड़कों के निर्माण के लिए कार्यदायी विभाग नामित किया गया है। संबंधित कार्यदायी विभागों को निविदाएं आमंत्रित करने के साथ ही अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सिंचाई निर्माण खंड चंपावत और लोहाघाट के तहत एक एक प्रस्तावित सड़क के मामले में न्यायालय में लंबित हैं, जबकि अन्य सभी प्रस्तावित सड़कों को वन विभाग की ओर से सैद्धांतिक स्वीकृति दी जा चुकी है।
112 किमी की पुरानी सड़कों को भी किया जाएगा पूरा
चंपावत। जिले में बीस सूत्रीय कार्यक्रम के तहत जहां चालू वित्तीय वर्ष में 293 किमी लंबाई की सड़कों का निर्माण कार्य पूरा किया जाना है। वहीं इस दौरान 112 किमी लंबाई की पुरानी सड़कों के निर्माण कार्य को भी पूरा किया जाएगा। सीडीओ आरएस रावत के अनुसार अब तक संबंधित कार्यदायी संस्थाओं की ओर से 12 सड़कों की तकनीकी और वित्तीय औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। जल्द ही सभी प्रस्तावित सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
पीएमजीएसवाई के कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी
चंपावत। सीडीओ आरएस रावत ने पीएमजीएसवाई के तहत स्वीकृत सड़कों के निर्माण कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताई है। बृहस्पतिवार को विकास भवन में आयोजित पीएमजीएसवाई की सड़कों की समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों के निर्माण शुरू करने में किसी प्रकार की दिक्कत आने पर संबंधित डिवीजन के ईई समस्या का निस्तारण करें।