रुद्रप्रयाग जिले की मद्महेश्वर घाटी के पांडवसेरा ट्रेक से गत 21 मई को लापता हुए तीन ट्रेकरों और चार पोर्टरों को वायुसेना की मदद से रेस्क्यू कर सोमवार सुबह सकुशल गौचर पहुंचा दिया गया। तीनों ट्रेकर्स को कोल्ड इंजरी (ठंड से चोट) की समस्या होने से यहां आईटीबीपी आठवीं वाहिनी के अस्पताल में उनका इलाज किया गया। स्थिति सामान्य होने पर उन्हें घर भेज दिया गया। वहीं चार पोर्टरों को भी घर भेज दिया गया है। रेस्क्यू अभियान सुबह साढ़े पांच बजे शुरू हुआ।
रुद्रप्रयाग जिले के पांडवसेरा ट्रेक से तीन ट्रेकर्स और उनके साथ गए चार पोर्टर रास्ता भटकने से 28 मई को लापता हो गए थे। घटना की सूचना पर रुद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन से लेकर राज्य आपदा प्रबंधन की टीम ने सतर्कता बरतते हुए चॉपर की मदद से लगातार सर्च अभियान में जुटी हुई थी। सर्च ऑपरेशन का जिम्मा रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन रजवार और उनकी टीम को सौंपा गया था। मौसम खराब होने पर ट्रेकरों की तलाशी में कामयाबी न मिलने पर वायुसेना की मदद ली गई। सरसावा उप्र से मंगाए गए वायुसेना के दो चीता हेलीकॉप्टरों ने विंग कमांडर प्रभात शुक्ला और स्क्वाइडन लीडर दानिश की अगुवाई में जोशीमठ से सर्च अभियान चलाया। रविवार को उनका पता चल गया था लेकिन मौसम खराब होने के कारण रेस्क्यू नहीं किया जा सका। लोकेशन मिल जाने पर और मौसम साफ होने पर सोमवार को सुबह 5:30 बजे रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इसके बाद तीन ट्रेकर गाजियाबाद निवासी श्रीनिवास (46), गोरखपुर निवासी अजय सिंह (42) और पौड़ी निवासी अजय नेगी (22) को रेस्क्यू कर सुबह 7.40 पर सकुशल गौचर हवाई पट्टी लाया गया। वाहिनी के कमांडेंट हाफिजुल्ला सिद्धिकी और चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि तीनों ट्रेकर्स को कोल्ड इंजरी है और उनका उपचार किया जा रहा है। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन रजवार ने बताया कि रेस्क्यू किए गए रांसी गांव के चार पोर्टरों अरविंद, प्रेम, नारायण सिंह व राकेश की स्थिति ठीक होने पर उन्हें घर भेज दिया गया है।