रुद्रनाथ ट्रैक पर स्थित पनार बुग्याल में हुए अतिक्रमण को हटाने के बाद अब इस तरह दिख रहा बुग्याल।
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बुग्यालों के बीच स्थित चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के पैदल ट्रेक पर पनार बुग्याल को केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने अतिक्रमण मुक्त कर दिया है। साथ ही पशुओं की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। अतिक्रमण हटने के बाद अब पनार बुग्याल में दूर-दूर तक हरियाली नजर आ रही है।
चमोली जनपद में समुद्र तल से 11808 फीट की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर स्थित है। मंदिर परिसर के करीब 50 मीटर क्षेत्र में हक-हकूकधारियों के अस्थाई निर्माण हैं, जो तीर्थयात्रियों को रात्रि विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। जबकि पुंग और ल्वींठी बुग्याल में भी ग्रामीणों की छानियां (कच्चे मकान) हैं। पनार बुग्याल में कुछ लोगों द्वारा स्थाई निर्माण किया गया था, जिससे बुग्याल को नुकसान हो रहा था। घोड़े-खच्चरों और पशुओं की आवाजाही से बुग्याल कीचड़ में तब्दील हो रहे थे। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि पनार बुग्याल में कुछ लोगों की ओर से किए गए अतिक्रमण को पूरी तरह से हटा लिया है। साथ ही पशुओं की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने रुद्रनाथ पैदल ट्रेक की साफ-सफाई का जिम्मा ईडीसी (ईको विकास समिति) को सौंपने की योजना है। ग्रामीणों की एक समिति बनाई जाएगी, जो यात्रा मार्ग की साफ-सफाई करेगी। चमोली-मंडल-ऊखीमठ हाईवे पर सगर गांव से मंदिर के लिए करीब 18 किलोमीटर का पैदल ट्रेक है।