विकलांगों के सुधार और कल्याण के लिए थराली में शार्प विकलांग समिति जुटी हुई है। समिति 20 सालों से विकलांगों के उत्थान के लिए काम कर रही हैं।
समिति के प्रबंधक बृजमोहन सिंह ने कहा कि विकलांग होने को कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बनानी चाहिए।
बृजमोहन सिंह ने बताया कि जिले ही नहीं प्रदेश भर में भी अधिकतर गरीब विकलांग स्कूल तक नहीं पहुंचते। ऐसे में उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से 20 साल पहले जागरूकता अभियान चलाया।
इसमें सफलता नहीं मिली तो 3 दिसंबर 2014 को थराली के लोल्टी में आवासीय विकलांग विद्यालय का संचालन शुरू किया, जिसमें छात्र संख्या महज एक वर्ष में 10 से 105 पहुंच गई है। यही नहीं अन्य जिलों में विकलांग स्कूल जा सके और आत्मनिर्भर बन सकें इसके लिए पौड़ी में सात नवंबर को एक और आवासीय स्कूल शुरू किया गया।
यहां मूक बधिर, शारीरिक, मानसिक आदि प्रकार के विकलांग बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा के साथ-साथ आवासीय सुविधा दी जा रही है। राष्ट्रीय न्यास पुरस्कार से सम्मानित बृजमोहन नेगी खुद विकलांग हैं, लेकिन आज आत्मनिर्भर हैं।
उनका कहना है कि आज जरूरत है विकलांगों को समाज के बराबरी पर लाने की। थराली के विधायक, स्थानीय लोग, हंस फाउंडेशन सहित विभिन्न विभागों और सरकार के सहयोग से इसे धरातल पर उतारा जा रहा है