पहली बार चीन सीमा के अंतिम गांव नीती में जश्न ए आजादी का समारोह फीका रहा। जोशीमठ-मलारी हाईवे के तमक गांव के पास बंद होने से घाटी के दुंपुधार में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम बेहद सूक्ष्म रूप में आयोजित हुआ। यहां सेना और आईटीबीपी के जवानों के साथ कुछ ही ग्रामीणों ने तिरंगा फहराया और मिष्ठान वितरित किया। दुंपुधार में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम सुरांईथोटा में आयोजित किए गए।
नीती घाटी में भोटिया जनजाति के ग्रामीण स्वतंत्रता दिवस को उत्सव के रूप में मनाते हैं। इस बार भी आजादी के जश्न को मनाने के लिए ग्रामीणों की पूरी तैयारी थी, लेकिन 11 अगस्त से तमक गांव के समीप चट्टान से हुए भूस्खलन से हाईवे बाधित हो गया। चट्टान से रुक-रुककर पत्थरों के छिटकने का सिलसिला जारी रहा, जिस कारण ग्रामीण नीती घाटी नहीं जा पाए। 14 अगस्त को समारोह की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी और पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी भी तमक गांव से आगे नहीं जा पाए, जिस कारण स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम सुरांईथोटा बाजार में आयोजित किया गया। अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति के महामंत्री दीवान सिंह खाती और भलगांव के ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह बुटोला ने कहा कि हाईवे बंद होने के कारण पहली बार दुंपुधार में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम सूक्ष्म रूप से आयोजित हुआ।