सात फरवरी को रैणी घाटी में तबाही मचाने वाली ऋषि गंगा अब अपने मूल स्वरूप में आ गई है। ऋषि गंगा के उद्गम स्थल पर बनी झील भी सामान्य हो गई है और यहां से पानी की निकासी सुचारू है।
सोमवार को जिलाधिकारी हिमांशु खुराना और पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने हेलीकॉप्टर से ऋषि गंगा के उद्गम स्थल का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बताया कि ऋषि गंगा के उद्गम स्थल पर अब स्थिति सामान्य है। ग्लेशियरों में भी कोई हलचल नहीं है।
ऋषिगंगा के उद्गम पर बनी झील पूरी तरह से सामान्य हो गई है। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि जिस स्थान से ग्लेशियर टूटा था और रैणी गांव में स्थिति सामान्य है। करीब 15 मिनट तक क्षेत्र में रहने के बाद दोनों अधिकारी गोपेश्वर पहुंचे।
साड़ा में बैली ब्रिज निर्माण पूरा, यातायात सुचारू
लंबगांव-उत्तरकाशी मोटर मार्ग पर साड़ा में बैली ब्रिज निर्माण कार्य पूरा हो गया है। जिलाधिकारी ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर पुल से रवाना किया। उक्त बैली ब्रिज का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने एक माह से कम समय में किया है।
18 जुलाई को कंकराडी व मांडो में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ था। चार लोगों की मौत भी हुई थी। कंकराड़ी गदेरे में मलबा आने के कारण उत्तरकाशी- लंबगांव मोटर मार्ग पर साड़ा में बना मोटर पुल ध्वस्त हो गया था। इसके कारण लंबगांव जाने वाले वाहनों को संकुड़ा-देवीधार होते हुए भेजा जा रहा था। पुल बहने के कुछ समय बाद ही लोक निर्माण विभाग ने यहां बैली ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था जो 14 अगस्त को पूर्ण हुआ।
विभाग ने करीब 25 दिन में बैली ब्रिज को तैयार किया। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आरएस खत्री ने बताया कि करीब 25 लाख की लागत से पुल का निर्माण किया गया है। खत्री ने बताया कि स्थायी पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
इसी स्थान पर स्थायी पुल का निर्माण भी किया जाना है। रविवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुल पर वाहनों की आवाजाही का शुभारंभ किया। डीएम ने हरी झंडी दिखाकर वाहनों को पुल से रवाना किया। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी विनीता रावत मौजूद थीं।