राजस्व विभाग की जांच में बस्ती का विवरण नहीं होने से लोगों में आक्रोश
डीएम को भेजा ज्ञापन, कार्रवाई की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। कालेश्वर में निवास करने वाले भोटिया जनजाति के परिवारों ने उन्हें निवासरत भूमि का मालिकाना हक दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि मालिकाना हक दिलाने के लिए राजस्व विभाग की जांच में उनके गांव का विवरण नहीं है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप डीएम कार्यालय से सभी तहसीलों से इस संबंध में जांच आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व उपनिरीक्षक ने उनके गांव की सर्वे रिपोर्ट नहीं भेजी जिससे तहसील की जांच रिपोर्ट में उनके गांव का कोई विवरण नहीं है। कहा कि यदि इस बार कालेश्वर के भोटिया जनजाति के 34 परिवार वंचित रह जाते हैं तो फिर कभी उन्हें इस भूमि का मालिकाना हक नहीं मिल पाएगा। कहा कि वे करीब सात पीढि़यों से यहां पर स्थायी तौर पर निवास कर रहे हैं। यहां उनके पक्के मकान, गोशाला, खेती बाड़ी है, साथ ही ऊनी वस्त्रों का रोजगार भी करते हैं। मगर सभी भूमिहीन हैं। उन्होंने डीएम से भोटिया जनजाति के शीतकालीन प्रवास कालेश्वर में मालिकाना हक दिलाने के लिए तहसील को कार्रवाई के लिए निर्देशित करने की मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में देवेंद्र पल्लव, बलवीर सिंह, चंद्र सिंह, डबल सिंह, जमन सिंह, रणजीत सिंह, सचिन, हिमांशु व आनंद सिंह शामिल रहे।