कनखुल-ग्वाड़ मोटर मार्ग खोलने की मांग को लेकर कपीरी क्षेत्र के लोगों ने तहसील में प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के दौरान 10 दिन पहले उनके गांव की सड़क पर मलबा आ गया था, लेकिन विभाग ने अभी तक मलबा हटाकर सड़क खोलने का काम शुरू नहीं किया है। ऐसे में लोगों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है।
बुधवार को कपीरी पट्टी के ग्रामीण नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और प्रदर्शन कर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने कहा कि कनखुल से ग्वाड़ गांव को जाने वाली सड़क 18 तारीख से बंद पड़ी है। कई जगहों पर पुश्ते क्षतिग्रस्त हैं और नाली न होने से पानी सड़क पर बह रहा है जिससे सड़क व पैदल रास्तों पर कीचड़ फैल गया है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही न होने से कनखुल तल्ला/मल्ला, ग्वाड़, चोपड्यूं, पटक्वाली, बिडोली, पाटियूं, डोंठला गांवों के लोगों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। एसडीएम संतोष कुमार पांडेय, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता बीएन गोदियाल और लोनिवि के अभियंता गौरव गुप्ता ने दो दिन में सड़क खोलने का आश्वासन दिया जिसके बाद ग्रामीण मान गए और धरना समाप्त कर दिया। निर्णय लिया गया कि बृहस्पतिवार से जेसीबी सड़क खोलने के लिए लग जाएगी और शाम पांच बजे से रातभर काम करेगी। इस मौके पर राजेंद्र नेगी, रणबीर कंडवाल, खिलदेव रावत, भगवान कंडवाल, नरेंद्र तोपाल, ग्राम प्रधान शशिकला देवी, पुष्कर रावत, बीरेंद्र मिंगवाल, उत्तम तोपाल, खेमराज भंडारी, मनमोहन पुंडीर और बीरेंद्र बिष्ट थे।
एक माह से बंद पड़ी नंदकेशरी-खंपाधार-ग्वालदम सड़क
देवाल। एक माह से बंद नंदकेशरी-खंपाधार-ग्वालदम सड़क और नौ दिन से बंद रैन-पलबरा-मेलमिंडा सड़क अभी तक नहीं खुल पाई है। लोनिवि की ओर से अभी तक मलबा हटाने के लिए जेसीबी नहीं भेजी गई है। सड़क बंद होने से ग्रामीण पैदल चलने के लिए मजबूर हैं।
पूर्व बीडीसी मेंबर रविंद्र सिंह ने बताया कि लोनिवि सड़क नंदकेशरी-खंपाधार-ग्वालदम सड़क चिड़िगा गांव के पास मलबा आने से एक माह से बंद है। वहीं 18 अक्तूबर को हुई बारिश से बंद सड़क रैन-पलबरा-मेलमिंडा सड़क नौ दिन से बंद पड़ी है। जबकि विभाग ने ब्लॉक सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंगलवार तक सड़क खोलने के लिए मशीन भेजने का आश्वासन दिया था। वहीं लोनिवि के अवर अभियंता मनबीर पंवार ने बताया कि सड़क पर काफी मलबा है। एक सप्ताह में मशीन भेजकर सड़क खोल दी जाएगी। संवाद