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पेट दर्द से तड़प रही महिला को 19 किमी चलकर पहुंचाया अस्पताल

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चमोली के डुमक गांव से कंधे पर डंडी के सहारे बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाते परिजन। - फोटो : GOPESHWAR
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चमोली जिले के सबसे दूरस्थ डुमक और कलगोठ गांव के ग्रामीण सड़क के अभाव में आज भी कई किलोमीटर पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। डुमक गांव में दो दिनों से पेट दर्द से तड़प रही एक महिला को ग्रामीणों ने 19 किलोमीटर तक कंधे पर डंडी के सहारे सड़क तक पहुंचाया। यहां से महिला को वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। तब जाकर महिला की स्थिति सामान्य हो सकी।
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बुधवार से डुमक गांव की हरकी देवी के पेट में दर्द था, लेकिन बृहस्पतिवार को दर्द और बढ़ गया। गांव में स्वास्थ्य और सड़क की सुविधा न होने पर परिजन महिला को कंधे पर डंडी के सहारे 19 किलोमीटर पैदल चलकर कुजौं गांव तक लाए। यहां सड़क की सुविधा है। इसके बाद यहां से प्राइवेट वाहन से उसे पीपलकोटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के प्राथमिक उपचार के बाद महिला के स्वास्थ्य में सुधार आया है। ग्रामीणों का कहना है कि डुमक और कलगोठ गांव के लिए सड़क का निर्माण कई सालों से निर्माणाधीन है, लेकिन पीएमजीएसवाई के अधिकारियों की लापरवाही के कारण सड़क का निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया है।
डुमक और कलगोठ गांव को सड़क से जोड़ने के लिए 29 किलोमीटर सैंजी लग्गा-मैकोट-बेमरू सड़क का निर्माण चल रहा है। सड़क की हिल कटिंग में तीन मशीनें काम कर रही हैं। 24 किमी तक सड़क निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। अब मात्र पांच किमी हिल कटिंग कार्य शेष बचा है। इसी वर्ष दिसंबर माह तक सड़क निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। दोनों गांवों को यातायात से जोड़ने के लिए कार्यदायी संस्था एडीवी की ओर से हेलंग-डुमक सड़क का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। - शुभम रावत, ईई, पीएमजीएसवाई पोखरी, चमोली।
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