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बागेश्वर सीट पर पिछली बार की तुलना में .78 प्रतिशत मतदान अधिक हुआ

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बागेश्वर डिग्री कॉलेज स्थित स्ट्रांग रूम परिसर में ईवीएम के साथ पहुंची पोलिंग पार्टी। संवाद न्य - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। विधानसभा के पिछले चुनाव की तुलना में इस बार बागेश्वर सीट पर 0.78 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ है जबकि कपकोट सीट पर मतदान 0.31 फीसदी कम मतदान हुआ है। घटे-बढ़े मतदान का लाभ किस दल और प्रत्याशी को मिलता है, यह आने वाले 10 मार्च को ईवीएम खुलने के बाद पता चलेगा।
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इश बार बागेश्वर सीट में 60.78 प्रतिशत मतदान हुआ है। 2017 में बागेश्वर सीट में 60 प्रतिशत मतदान हुआ था। कपकोट सीट में इस बार 62.35 प्रतिशत मतदान हुआ। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कपकोट सीट में 62.66 प्रतिशत मतदान हुआ था। वर्ष 2017 के चुनाव में जिले का मत प्रतिशत 61.23 फीसदी रहा था। इस बार दोनों सीटों में 61.50 प्रतिशत मतदान हुआ। इस प्रकार जिले की दोनों सीटों में पिछले चुनाव के मुकाबले 0.27 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ है।
अमूमन कम मतदान का लाभ कांग्रेस को मिलता रहा है। एससी वर्ग का मतदाता कांग्रेस का परंपरागत वोट माना जाता है, लेकिन अब इस वर्ग के वोट बैंक में भी बिखराव होने लगा है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित बागेश्वर सीट पर सभी प्रत्याशी एक ही वर्ग के होने के कारण इस वर्ग का वोट थोड़ा-बहुत सभी प्रत्याशियों को मिलता रहा है। बसपा का प्रभुत्व कम होने से बागेश्वर सीट में इस बार एससी वोटरों में आप ने भी सेंधमारी की है। वहीं कपकोट क्षेत्र में पहले से 0.31 प्रतिशत कम मतदान हुआ है। इससे कांग्रेस कुछ हद तक सुकून महसूस कर सकती है। कम और अधिक मतदान का लाभ किसे मिलेगा, यह 10 मार्च को परिणाम घोषित होने के बाद ही पता चलेगा।
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