बागेश्वर के दौफाड़ में नंदाष्टमी महोत्सव को लेकर बैठक करते लोग। विज्ञप्ति
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बागेश्वर। दोफाड़ में 14 और 15 सितंबर को होने वाला नंदाष्टमी महोत्सव कोरोना महामारी के चलते सादगी के साथ मनाया जाएगा। मेला समिति की बैठक में इस वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन नहीं कराने का निर्णय लिया गया। महोत्सव के दौरान कलश यात्रा निकाली जाएगी। भक्तजन मंदिर में पूजा अर्चना और भजन कीर्तन कर सकेंगे। समापन दिवस पर सामूहिक भंडारे में प्रसाद वितरण किया जाएगा। आयोजन स्थल पर कोविड गाइड लाइन का पालन किया जाएगा।
रविवार को मां नंदा मंदिर दोफाड़ के परिसर में हुई नंदा मेला समिति की बैठक में महोत्सव को संपन्न कराने के लिए पुरानी कार्यकारिणी को यथावत रखने का निर्णय लिया गया। पुन: अध्यक्ष चुने जाने के बाद सुरेश कालाकोटी ने वार्षिक आय-व्यय का ब्यौरा रखा। जिसके बाद महोत्सव की रूपरेखा तय की गई। अध्यक्ष ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ 14 सितंबर को कलश यात्रा से होगा। नंदेश्वर महादेव मंदिर से मां नंदा मंदिर तक निकलने वाली कलश यात्रा में क्षेत्र की महिलाएं पारंपरिक परिधान में शिरकत करेंगी। यात्रा के बाद मंदिर में मां नंदा की प्रतिष्ठा के बाद पूजा अर्चना शुरू होगी।
सायंकाल भजन कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। 15 सितंबर को सामूहिक भंडारा कराया जाएगा। सायंकाल विधिवत रूप से महोत्सव का समापन होगा। मेला समिति ने मंदिर में पेयजल, बिजली, चिकित्सा और सुरक्षा के लिए प्रशासन से सहयोग की मांग भी की। इस मौके पर कुंदन सिंह कालाकोटी, भूपाल सिंह कालाकोटी, मनमोहन सिंह, भगवत सिंह, सुंदर सिंह, उमेश सिंह, हिमांशु गोस्वामी, जगदीश कालाकोटी, हरीश कालाकोटी आदि मौजूद रहे।