बागेश्वर। जिले के महराड़ाफाट क्षेत्र की प्रमुख समाजसेवी परंपरागत दाई विद्या की जानकार विष्णुली आमा के नाम से प्रसिद्ध वैष्णवी देवी का 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। विष्णुली आमा ने स्वास्थ्य सुविधा के अभाव के दौर में सैकड़ों सुरक्षित प्रसव कराकर जच्चा-बच्चा की जान बचाने का काम किया था। उनके निधन से समूचे इलाके में शोक की लहर है।
महरफाट क्षेत्र के तिवारीगांव निवासी का जीवन संघर्षों से भरा रहा लेकिन उन्होंने समाजसेवा नहीं छोड़ी। स्वास्थ्य सुविधा के अभाव के दिनों में वह गर्भवती महिलाओं के लिए किसी देवदूत से कम नहीं थीं। साठ के दशक से उन्होंने इलाके में प्रमुख दाई के रूप में काम किया। क्षेत्र के लोग बताते हैं कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर लोगों की जुंबा पर एक ही नाम होता था-रघ्घू की ईजा। विष्णुली आमा के पुत्र का नाम रघुवर दत्त तिवारी है। प्यार से उन्हें रघ्घू कहा जाता है। उनका बागेश्वर के सरयू संगम में अंतिम संस्कार किया गया। चिता को उनके पुत्र रघुवर दत्त तिवारी, भुवन चंद्र तिवारी, नंदा बल्लभ तिवारी ने मुखाग्नि दी। उनके निधन पर डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी, शंकर दत्त तिवारी, बसंत तिवारी, वंशीधर जोशी, प्रभाकर जोशी, दीपक तिवारी, मदनमोहन, मोहन सिंह, नंदकिशोर, नवल तिवारी, हरीश बिष्ट, प्रकाश तिवारी, हेम चंद्र तिवारी, पूरन जोशी ने शोक जताया है।