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साहब पहले कोरोना ने तोड़ी कमर, अब आग ने भी पूरी कर दी कसर

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अग्निकांड के दौरान मीना बाजार का मंजर। संवाद - फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। मीना बाजार में अग्निकांड प्रभावित दुकानदार बेहद परेशान और निराश हैं। सभी ने कहा कि पहले कोरोना की मार से परेशान थे अब आग से उनका कारोबार चौपट हो गया है। शुक्रवार की रात सभी दुकानदार दुकानों को बंद करने के बाद घरों में चैन की नींद सो रहे थे। किसे पता था कि उठने के बाद इतना दर्द मिलने वाला है।
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शनिवार तड़के सवा तीन बजे छावनी परिषद के सायरन ने क्षेत्र के लोगों की नींद खोल दी। इसी बीच मीना बाजार की दुकानों में आग लगने की सूचना मिली तो सब अपनी अपनी दुकानों की तरफ भागे। तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। चाहकर भी दुकानों के अंदर का सामान नहीं बचाया जा सकता था। फायर ब्रिगेड भी मशक्कत कर रही थी लेकिन सिलिंडर और कंप्रेशर फटने से आग और विकराल हो गई। लाचार व्यापारियों के मुंह से एक ही शब्द निकला कि साहब दो साल से कोरोना ने कमर तोड़ी थी, अब रही सही कसर अग्निकांड ने पूरी कर दी।
-पिछले दो साल से कोरोना के कारण व्यापार ठप था, जैसे तैसे संभल रहे थे अब दुकान आग की भेंट चढ़ चुकी है। लाखों रुपये की क्षति हो चुकी है। समझ नहीं आ रहा कि कैसे आगे आजीविका चलेगी।-सोबन सिंह, दुकानदार
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-जैसे जैसे व्यापार थोड़ा पटरी पर आ रहा था, वैसे ही आग ने सब कुछ चौपट कर दिया। मेरी मोबाइल की दुकान थी, लगभग 22 लाख रुपये के नुकसान की चपेट में आ गया हूं।-अजीत सिंघल, दुकानदार
- मेरी मीना बाजार में फास्ट फूड और मोटर पार्ट्स की दुकान थी लेकिन अग्निकांड ने सब कुछ खत्म कर दिया। पांच लाख रुपये का नुकसान हो गया है। कैसे आजीविका चलेगी कुछ नहीं समझ आ रहा है।-ईश्वर सिंह, दुकानदार।
-साहब मेरी बारबर शॉप थी। जैसे तैसे बच्चे पाल रहे थे लेकिन अग्निकांड में सब कुछ तबाह हो गया। अब कुछ भी समझ नहीं आ रहा क्या करें। प्रशासन से मुआवजे की मदद मिल जाती तो कुछ राहत मिलती।-नसीम अहमद, दुकानदार।
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