उत्तराखंड के जंगलों में आग धधक रही है। सोमेश्वर के स्यूनराकोट के जंगल में लगी आग की चपेट में आने से झुलसे महिला समेत दो श्रमिकों की उपचार के दौरान मौत हो गई। एक श्रमिक की बृहस्पतिवार को ही मौत हो गई थी।
सोमेश्वर के स्यूनराकोट के जंगल में लगी आग की चपेट में आने से झुलसे महिला समेत दो श्रमिकों की उपचार के दौरान मौत हो गई। एक श्रमिक की बृहस्पतिवार को ही मौत हो गई थी, जबकि एक महिला श्रमिक का हल्द्वानी में इलाज जारी है।
विज्ञापन
स्यूनराकोट में जंगल की आग की चपेट में आने से बृहस्पतिवार को नेपाली श्रमिक दीपक पुजारा (35) की मौके पर ही मौत हो गई थी। उनकी पत्नी तारा (30), ज्ञान बहादुर (40) और उनकी पत्नी पूजा (28) बुरी तरह झुलस गए थे।
तीनों को बेस अस्पताल पहुंचाया गया था जहां देर रात ज्ञान बहादुर की भी मौत हो गई। वहीं, शुक्रवार को दीपक की पत्नी तारा ने भी हल्द्वानी एसटीएच में दम तोड़ दिया। चौथी महिला श्रमिक पूजा अब भी जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है। प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि घटना में अब तक तीन श्रमिकों की मौत हो चुकी है।
वन विभाग और पुलिस ने दर्ज किया केस
डीएफओ दीपक सिंह ने बताया कि मामले में वन विभाग की तरफ से वन अपराध के तहत केस दर्ज किया गया है। जंगल में आग लगाने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई है। संबंधित ठेकेदार के खिलाफ भी जांच होगी। लीसा दोहन में लगाए गए श्रमिकों की सुरक्षा के इंतजामों को परखा जाएगा। सोमेश्वर थाने की एसआई मोनी टम्टा ने बताया कि संबंधित सरपंच की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ वन अधिनियम, धारा 304, 435 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।