अल्मोड़ा में लगातार बारिश से प्रभावित जनजीवन को सामान्य बनाने में अभी भी जिला प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। सोमवार को भी 66 जेसीबी के साथ प्रशासन के सभी अधिकारी जिले भर में बंद पड़ी सड़कों को खुलवाने में जुटे रहे। दो स्टेट हाईवे सहित करीब 15 सड़कें अभी भी बंद है।
लमगड़ा-सिमलखेत के पास रह-रहकर कर पहाड़ी से मलबा गिरने से सड़क लगातार बाधित है। प्रशासन को यहां यातायात सामान्य करने में पसीने छूट रहे हैं। प्रभारी डीएम दीवेश शाशनी ने जल्दी से जल्दी सड़कों को सामान्य बनाने के निर्देश दिए। सोमवार को भी सुबह से ही बंद पड़ी सड़कों को खोलने का अभियान शुरू कर दिया था। अल्मोड़ा रानीखेत, सल्ट, द्वाराहाट, सोमेश्वर, भतरौंजखान सहित सभी क्षेत्रों में मलबा हटाने का काम जारी रहा। वहीं, ऊर्जा निगम के अधिकारी आपदा में क्षतिग्रस्त हुए बिजली के पोलों को ठीक करते रहे। अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 15 सड़कों को खोलना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। हालांकि प्रशासन सोमवार की रात तक सभी सड़कों को खोलने के दावे कर कर रहा है।
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जागेश्वर में क्षतिग्रस्त गोशाला तक नहीं पहुंच पाई टीमें
जागेश्वर क्षेत्र के भनौली गांव में तीन दिन पहले क्षतिग्रस्त हुई गोशाला के मलबे में फंसे पशुओं को बचाने के लिए कवायद जारी रही। प्रशासन की टीमें कच्चा रास्ता बनाकर गोशाला तक पहुंचने में जुटी है। आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि यहां अभी कई पशुओं के दबे होने की सूचना है। उन्हें बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
बागेश्वर में दस सड़कों पर सुचारू नहीं हुआ यातायात
बागेश्वर जिले में बारिश के दौरान बंद सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। मौसम साफ होने के बावजूद 10 सड़कों पर यातायात सुचारू नहीं हो सका है। सड़कें बंद होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को तहसील और जिला मुख्यालय आने के लिए पैदल दूरी तय करनी पड़ती है।
आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 11 जुलाई से बंद काफलीकमेड़ा, 28 अगस्त से बंद उडियारकुड़ी-सन और दो सितंबर से बंद पगना-सक्तेश्वर सड़क पर अब तक यातायात सुचारू नहीं हो सका है। विगत दिनों की बारिश में बंद हुई पुरकोट-पंद्रहपाली, वज्यूला-हरिनगरी, विजयपुर-भाटगाड़-रणकांडे, भयूं-गडेरा, बालीघाट-खुल्दौड़ी, काफलीगैर-जांठा और सीरी मोटर मार्ग पर भी यातायात सुचारू नहीं हो सका है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही अधिकांश सड़कों को खोल दिया जाएगा।