बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले 'युवा हल्ला बोल' के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने कहा है कि प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बेरोजगार युवा ही अब उत्तर प्रदेश की सत्ता तय करेंगे। मौका था राजधानी लखनऊ में 'युवाओं की यूपी' कैंपेन की घोषणा का, जहां अनुपम के साथ 'युवा हल्ला बोल' के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद मिश्रा और प्रदेश प्रभारी रजत यादव भी उपस्थित रहे। मुहिम के अंतर्गत इन युवाओं ने 'पढ़ाई, कमाई, दवाई' जैसे मुद्दों पर 2022 के लिए 22 सवालों का एक दस्तावेज जारी किया है। 'युवा महापंचायतों' में 22 सवालों पर सरकार का हिसाब होगा। ये महापंचायतें 12 जनवरी के बाद यूपी के विभिन्न जिलों में आयोजित की जाएंगी।
शुक्रवार को महापंचायतों की जानकारी देते हुए अनुपम ने कहा, उत्तरप्रदेश में 'पढ़ाई, कमाई, दवाई' चुनावी नारा बनेगा। इस मुद्दे पर समाज के विभिन्न वर्गों के साथ चर्चा की जाएगी। उत्तर प्रदेश के चुनाव में जो 22 सवाल तैयार किए हैं, उन्हें लोगों के बीच रखेंगे। इसके लिए युवा हल्ला बोल की टीमें यूपी के इलाकों का दौरा करेंगी। पहले चरण में सभी जिलों की यात्रा की जाएगी। दूसरे चरण में युवा महापंचायतों का आयोजन होगा। अनुपम ने कहा, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के युवाओं से रोजगार के नाम पर सिर्फ छलावा किया है।
युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय संयोजक के मुताबिक, बड़े वादे कर सत्ता में आई यूपी सरकार आज नौकरियों में कटौती, भर्तियों में भ्रष्टाचार, परीक्षा में पेपर लीक और बहाली में लेटलतीफी का पर्याय बन गई है। इससे भी दुखद बात यह है कि रोजगार मांग रहे युवाओं को लाठी डंडों के साथ बेरहमी से पीटा जाता है। यूपी में बेरोजगारों की पिटाई, ये बिल्कुल आम बात हो गई है। मीडिया में आए दिन राजधानी लखनऊ से पुलिसिया बर्बरता की तस्वीरें आती रहती हैं। एक तरफ तो बेरोजगार युवा, सड़कों पर लाठियां खा रहे हैं, दूसरी तरफ सरकार झूठा प्रचार करने में आम जनता का पैसा फूंक रही है। यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव में 22 सवाल, सरकार की पोल कर रख देंगे।
'युवा हल्ला बोल' के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार, युवाओं के मुद्दों पर फेल हो चुकी है। अब झूठा प्रचार करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने हर तरह की कोशिश कर ली है। वे गुहार पर गुहार लगा रहे हैं। शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस की लाठी डंडे खा रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें समय पर नौकरी नहीं मिलती। नियुक्ति पत्र लेने के लिए युवाओं को अदालतों के चक्कर काटने पड़ते हैं। सरकारी नौकरी के झूठे विज्ञापन देकर युवाओं को बरगलाने का प्रयास होता है। दरअसल, इस सरकार में युवाओं के वाजिब मुद्दों को लेकर कोई संवेदना नहीं दिख रही। अब युवाओं ने ठाना है कि चुनावी चोट देकर ही सरकार को होश में लाया जा सकता है। इसी क्रम में 2022 के लिए 22 सवाल के साथ हमने पूछा है कि क्यों हमारी यूपी आज बेहाल है।
उत्तर प्रदेश के प्रभारी और 'युवा हल्ला बोल' महासचिव रजत यादव ने कहा, उत्तर प्रदेश में युवाओं का एजेंडा सेट करने के लिए अनुपम के नेतृत्व में सभी जिलों की यात्रा की जाएगी। पहले चरण में प्रदेशव्यापी यात्रा के बाद 12 जनवरी से युवा महापंचायतों का आयोजन भी होगा। रजत ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि प्रदेश के युवा एकजुट होकर चुनाव में युवाओं का एजेंडा सेट करें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो संवेदनहीन सरकारें हमारे भविष्य से खिलवाड़ करती रहेंगी। 'युवा हल्ला बोल' के राष्ट्रीय महासचिव प्रशांत कमल, सचिव अमित प्रकाश, उत्सव यादव, अशफाक खान, दिव्येन्दु मणि, मुलायम यादव और सचिन कुमार सहित टीम के अन्य सदस्य युवा महापंचायतों की तैयारी में जुट गए हैं।