नरिया स्थित श्रीगणेश वर्णी दिगंबर जैन संस्थान सभागार में मंगलवार को भारतीय वास्तु विद्या की मानव जीवन में उपयोगिता विषयक व्याख्यान की अध्यक्षता प्रो. रामचंद्र पांडेय ने की। कहा कि वास्तु विद्या मानव के सही ढंग से कार्य करने और कार्य में सहायक सिद्ध होती है इसलिए इसका आदर करना चाहिए।
इस मौके पर प्रो. जय कुमार निदेशक राष्ट्रीय प्राकृत अध्ययन एवं संशोधन संस्थान श्रवणबेलगोला ने वास्तु विद्या की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डाला। गणेश वर्णी संस्थान के मंत्री प्रो. अशोक कुमार जैन ने संस्थान और पंडित फूलचंद शास्त्री फाउंडेशन के बारे में जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि प्रो. विजय शंकर शुक्ल, निदेशक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र वाराणसी और प्रोफेसर कमलेश झा ने वास्तु विद्या की उपयोगिता पर चर्चा की। धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के संयुक्त मंत्री जैन बौद्ध दर्शन विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार जैन ने किया। इस अवसर पर प्रो. प्रद्युम्न शाह सिंह, प्रो. कमलेश कुमार जैन, डॉ. आनंद कुमार जैन, सौरभ जैन, मनीष जैन, पदम कुमार जैन, मंदोदरी झा, डॉ. क्रांति जैन, डॉ. माधवी तिवारी, प्रमिला सांवरिया, महिला मंडल की अन्य महिलाएं रहे।