वाराणसी के मिल्कोपुर में विस्फोटक लगाकर पिता- पुत्र की हत्या करने के मामले में मास्टर माइंड सोनू और उसके साथी को क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लिया है। हालांकि इस संबंध में पुलिस अधिकारी कोई जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं।
सोनू और उसके साथी से शुक्रवार को अज्ञात स्थान पर लखनऊ से आई नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए), एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस), इंटेलिजेंस ब्यूरो, क्राइम ब्रांच और पुलिस की अलग-अलग टीमों ने घंटों पूछताछ कर विस्फोटक की गुत्थी सुलझाने की कोशिश की।
पूछताछ में सामने आया कि मंगलवार की रात सोनू अपने दोस्त और पिता के साथ चंदौली से चार पहिया वाहन से लालजी के घर आया। आधी रात बाद उसने विस्फोटक पदार्थ से धमाका कर पिता-पुत्र की हत्या की। मैकेेनिकल ट्रेड से आईटीआई उत्तीर्ण सोनू ने विस्फोटक पदार्थ कैसे तैयार किया, उसमें क्या मिलाया था, कहां से लाया था, यह जानने के लिए जांच एजेंसियां पूछताछ में जुटी हुई है।
इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पूछताछ और छापेमारी जारी है। संभावना है कि जल्द ही वारदात का खुलासा होगा और ठोस साक्ष्यों के साथ आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। मिल्कोपुर में सड़क किनारे मकान बनवाकर खली-चूनी की दुकान खोल रखे लालजी यादव और उनके बेटे अजय की मंगलवार की आधी रात बाद डेटोनेटर फ्यूज सहित अन्य विस्फोटक पदार्थ से धमाका कर हत्या कर दी गई थी।
वारदात की वजह चौक क्षेत्र के सराफा कारोबारी वर्मा परिवार और लालजी सहित अन्य के बीच 20 बिस्वा जमीन पर काबिज होने की रंजिश बताई गई है। प्रकरण को लेकर चौबेपुर थाने में लालजी के भाई श्यामजी की तहरीर पर चौक क्षेत्र के सराफा कारोबारी प्रतीक वर्मा व उसके परिवार के किरन चंद वर्मा, विपिन चंद वर्मा, विनोद चंद वर्मा और लखरांव के मुन्नीलाल यादव व उसके बेटे सोनू यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
सोनू के अलावा अन्य पांच नामजद आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को हिरासत में ले लिया था। गुरुवार की देर रात जिले में ही छापेमारी के दौरान सोनू और उसका एक साथी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया।