पत्र देने के बाद भी कुलपति नहीं आए। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय में राष्ट्र विरोधी, हिंदू विरोधी जो कार्य किए जा रहे हैं, उसका मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत है। चेतावनी दी कि रोजा इफ्तारी के आयोजन पर जब तक कुलपति की ओर से लिखित माफी नहीं मांगी जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
परशुराम जयंती समारोह में कुलपति के न आने पर जब छात्रों ने उनके पीए से बातचीत की तब कुलपति के संक्रमित होने की जानकारी उनके पीए ने दी। एक छात्र और कुलपति के पीए से हुई बातचीत का ऑडियो भी वायरल हो गया है। इसमें छात्र से बातचीत के दौरान कुलपति को दो दिन पहले कोरोना के लक्षण आने और फिर संक्रमित होने की जानकारी भी दी जा रही है।