पत्नी सोनी सिंह की सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर सारनाथ अर्जुन सिंह ने एंबुलेंस से मनीष को मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल भिजवाया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया था। आठ दिन अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ते हुए मंगलवार सुबह सब इंस्पेक्टर मनीष सिंह की मौत हो गई।
सूचना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मनीष की सरकारी पिस्टल को कब्जे में लेकर सारनाथ थाने की पुलिस घटना की जांच कर रही है। मनीष चितईपुर थाने में सितंबर में तैनात हुए थे। इसके पहले वह कपसेठी और सिगरा में तैनात थे। मनीष ने 2012 में नौकरी ज्वाइन की थी। मनीष के बड़े भाई राजेंद्र सुल्तानपुर में सिपाही है और छोटा भाई मोनू आशापुर में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। मनीष का तीन साल का बेटा अयांश है।