इसके बाद एनएसईआईटी (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज इंफारमेशन टेक्नोलॉजी) के चीफ प्रॉक्टर, प्रभारी अधिकारी निरीक्षक रमेश यादव को सूचना दी। पुलिस की मौजूदगी में अभ्यर्थी से पूछताछ शुरू हुई तो अभ्यर्थी ने फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने की बात कबूल की। पुलिस के मुताबिक फर्जी अभ्यर्थी बिहार मधुबनी के लौकही थाना अंतर्गत थरुआही गांव का रहने वाला सिकेंद्र कुमार ठाकुर है।
पूछताछ में पुलिस को बताया कि लालच में आकर देवरिया वनहटा थाना अंतर्गत धरहनिया निवासी बृजेश प्रसाद के स्थान पर परीक्षा देने आया था। परीक्षा के दौरान दस हजार रुपए मिले थे और शेष रकम परीक्षा देने के बाद मिलने का वादा किया गया था। दरोगा भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गैंग की संलिप्ता सामने आने के बाद सभी केंद्रों पर चेकिंग व्यवस्था और बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
फर्जी अभ्यर्थी के पकड़े जाने के बाद एसपी ग्रामीण सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी सॉल्वर से पूछताछ की। वहीं पुलिस की एक टीम सॉल्वर के संपर्क में आने वाले वालों की कुंडली खंगालने में जुट गई है। उसके मोबाइल को कब्जे में लेकर व्हाट्सएप चैट और सीडीआर को खंगाला जा रहा है। कई ऐसे लोगों के नाम भी सॉल्वर ने बताए हैं, जो बिहार से ही गिरोह का संचालन कर रहे हैं। गिरफ्तार सिकेंद्र कुमार ठाकुर बिहार में ही रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था।
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