त्रिपुरा के रहने वाले सबसे अधिक परीक्षर्थियों ने सॉल्वर का सहारा लिया था। सारनाथ थाने में सोमवार को झांसी के रहने वाले वीरेंद्र ने अपने बेटे के साथ हुए धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। तफ्तीश में सामने आया कि मृत्युंजय देवनाथ और लखनऊ कैसरबाग निवासी डॉ. अफरोज ने सॉल्वर सेट किया था।
कमिश्नरेट पुलिस ने दोनों के ऊपर 20-20 हजार का इनाम घोषित किया है। इसी तफ्तीश में पुलिस टीम लगी हुई थी कि मृत्युंजय देवनाथ के संपर्क में आए त्रिपुरा के तपन साहा को गिरफ्तार किया गया। वहीं सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड पटना निवासी निलेश कुमार उर्फ पीके, हामिद रजा, डॉ. अफरोज, आशुतोष, मृत्युंजय देवनाथ, दिव्य ज्योति की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही है। मास्टरमाइंड निलेश कुमार उर्फ पीके के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट भी जारी कर रखा है।
12 सितंबर को सारनाथ स्थित केंद्र से पुलिस ने सॉल्वर गैंग की सदस्य और बीएचयू की बीडीएस छात्रा जूली कुमारी को पकड़ा और उसी केंद्र से जूली की मां बबिता कुमारी भी गिरफ्तार हुई थी। दोनों से पूछताछ के आधार पर गैंग के मुख्य सदस्य केजीएमयू कालेज के छात्र ओसामा शाहिद, बिहार के खगड़िया निवासी विकास महतो, जूली के भाई अभय प्रताप और साइबर कैफे संचालक राजू कुमार को गिरफ्तार किया गया। यह सभी चौकाघाट स्थित जिला जेल में निरुद्ध है।