बात करें वाराणसी के आठों विधानसभा की तो पिंडरा से अजय राय, सेवापुरी में आनंद रिंकू, हर्षवर्धन सिंह, शिवपुर से विनोद सिंह कल्लू, अशोक पांडेय, अजगरा सुरक्षित सीट से आशा देवी व अनूप श्रमिक, रोहनिया से राजेश्वर सिंह पटेल, शहर दक्षिणी से सीताराम केशरी, मनीष मोरोलिया, कैंट से रेखा शर्मा, ओमप्रकाश ओझा, प्रिंस राय खगोलन और उत्तरी से मनीष चौबे व हाजी रईस अहमद के नामों पर चर्चा हुई। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने महानगर अध्यक्ष को भी अपनी दावेदारी पेश करने को कहा है। सभी से आह्वान किया कि संगठन में एकजुटता के साथ लगना है और सारे मतभेद भुलाकर चुनाव मैदान में उतरना है।
बनारस पहुंचे राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा
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सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर वाराणसी मंडल के भावी प्रत्याशियों की स्क्रीनिंग की गई है। पार्टी हाईकमान का आदेश है कि महिलाओं की 40 प्रतिशत भागीदारी, युवाओं को मौका और पार्टी के प्रति निष्ठा, सक्रियता और जीत की कसौटी पर हर संभावित उम्मीदवार को परखा गया है। इसी के आधार पर आगे टिकट का बंटवारा होगा।
पूरे प्रदेश में सपा नेताओं, पूर्व मंत्रियों के घर छापेमारी के सवाल पर सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार जब से आई है तब से ही यह धारणा बन गई है कि यह जो संस्थाएं हैं और जांच एजेंसियों हैं उनका कहीं न कहीं राजनीतिक हस्तक्षेप और राजनीतिक दुरुपयोग किया जा रहा है। यह धारणा जनता के बीच बन गई है। आज जो हुआ उसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है कि क्यों सपा नेताओं के घर छापेमारी की गई। अब तो चुनाव आयुक्त को भी पीएम अपने आवास पर बुलाने लगे हैं और यह पहली बार हुआ है।
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