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बीएचयू बवालः तनाव के बाद जागरुक हुआ विश्वविद्यालय प्रशासन, अब इन बातों पर दे रहा है ध्यान

Wed, 04 Oct 2017 02:34 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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cctv
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बीएचयू में छात्रा से छेड़खानी को लेकर उपजे बवाल के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन जागरुक हो रहा है। प्रशासन अब परिसर में कुछ महत्वपूर्ण और मूलभूत आवश्यकताओंं पर ध्यान दे रहा है।
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बीएचयू परिसर में सुरक्षा निगरानी के प्रबंधों को पुख्ता बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण के निर्देश पर परिसर एवं गर्ल्स हॉस्टल में 52 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। 48 और चिह्नित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे।

साथ ही, परिसर में प्रकाश की व्यवस्था भी चाकचौबंद की जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से उन प्रमुख स्थानों का चिह्नांकन कर लिया गया है, जहां एलईडी लाइटें लगाई जानी हैं। परिसर सुरक्षा और प्रकाश की व्यवस्था पर बीएचयू के चीफ प्राक्टर के साथ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक भी हुई।
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सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए वीडीए की अवस्थापना निधि से धनराशि मुहैया कराई गई है। कमिश्नर ने कहा है कि यदि अधिक धनराशि की आवश्यकता पड़ी तो निर्भया फंड से उसका आवंटन किया जाएगा।

विश्वविद्यालय परिसर की चहारदीवारी से लगे 6 मुख्य प्रवेश द्वारों पर चार कैमरे सड़क की ओर बाहर एवं चार कैमरे अंदर की ओर के हिसाब से प्रत्येक गेट पर आठ-आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। त्रिवेणी संकुल गर्ल्स हास्टल के मेन गेट पर दो और अंदर की ओर दो सहित कुल चार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।

कैंपस स्थित 11 अन्य गर्ल्स हॉस्टलों पर मंगलवार को सीसी कैमरे लगाए जाएंगे। विकास प्राधिकरण के सचिव विशाल सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की चीफ प्राक्टर के साथ हुई बैठक में सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर मंत्रणा की गई। सीसीटीवी कैमरे के बाद परिसर में समुचित प्रकाश के लिए एलईडी लाइट लगाने का काम शुरू होगा। 
 

बीएचयू परिसर में तैनात होंगी 50 महिला होमगार्ड 

बीएचयू में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे अध‌िकारी - फोटो : अमर उजाला

परिसर में शांति और कानून व्यवस्था बरकरार रहे, इसके मद्देनजर बीएचयू स्थित एलडी गेस्ट हाउस में डीएम, एसएसपी और चीफ प्रॉक्टर की मौजूदगी में पुलिस-प्रशासन और विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों की बैठक में तय किया गया कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड में महिला सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति होने तक परिसर में 50 महिला होमगार्ड तैनात की जाएंगी और इसका खर्च विश्वविद्यालय प्रशासन उठाएगा।

विश्वविद्यालय के हर गेट पर सुरक्षाकर्मियों के साथ दो पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। लगभग 200 पुलिसकर्मी बीएचयू परिसर के बाहर आसपास के इलाके में मौजूद रहेंगे और किसी भी गड़बड़ी की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचेंगे।

एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज ने बैठक के बाद बताया कि छात्र-छात्राओं के साथ सुरक्षाकर्मियों को कैसे पेश आना चाहिए, इस संबंध में कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षण देने का सुझाव चीफ प्रॉक्टर को दिया गया है। महज वर्दी का रंग बदल जाने से कार्यशैली और सोच में परिवर्तन नहीं आएगा।

चीफ प्रॉक्टर ने इस पर सहमति जताई है। बीएचयू परिसर में खुफिया तंत्र और मजबूत करने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन अपने स्तर पर भी सूचनाएं संकलित कर पुलिस से उन्हें साझा करेगा और समन्वय बनाकर काम किया जाएगा।

एसएसपी ने कहा कि छात्राओं से जुड़ी शिकायतें और समस्याएं दूर करने के लिए बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड सोशल मीडिया का भी सहारा लेगा। साथ ही बीएचयू के गर्ल्स हॉस्टल मार्ग, संकायों के आसपास, विश्वनाथ मंदिर के आसपास व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर लंका थानाध्यक्ष, बीएचयू चौकी प्रभारी और छह सदस्यीय मोबाइल दस्ता लगातार चक्रमण करेगा। परिसर में सीसीटीवी कैमरे और लाइट लगवाने का काम जल्द पूरा हो जाएगा। 
 
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छात्रों की गतिविधि अभिभावकों को बताई जाएगी 

फाइल
बीएचयू में पढ़ाई के दौरान धरना-प्रदर्शन सहित अन्य गैर शिक्षणेतर गतिविधियों में शामिल रहने वाले 20 छात्रों को चिह्नित किया गया है। ऐसे सभी छात्रों के अभिभावकों को पत्र भेजकर उनके क्रियाकलाप के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन अवगत कराएगा।

साथ ही, अभिभावकों से अपील की जाएगी कि अपने बच्चे को उसके भविष्य की बेहतरी के लिए समझाएं। इसके अलावा बीएचयू परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जिला प्रशासन, पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की संयुक्त टीम गठित की जाएगी।

इस संबंध में कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। बीएचयू प्रशासन की सहमति के आधार पर जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। इस समिति में डीएम, एसएसपी, चीफ प्रॉक्टर सहित पुलिस-प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे।
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