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महज सात साल के सियासी सफरनामे में बुलंदी छूने लगे थे बसपा नेता राजेश यादव

Wed, 04 Oct 2017 12:00 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, भदोही
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राजेश यादव के शव से लिपटकर रोती पत्नी मोनिका यादव। - फोटो : अमर उजाला
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बसपा नेता और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राजेश यादव सियासत में पु‌राने खिलाड़ी नहीं थे। राजनीति में आए उन्हें मात्र सात साल हुए थे लेकिन इन सात सालों में उनका सियासी सफर काफी तेजी से आगे बढ़ा।

महज सात साल के सियासी सफरनामे में तेजी से आगे बढ़ रहे राजेश यादव की महत्वाकांक्षा सियासी जगत को भौचक्का कर रही थी। मर्चेंट नेवी में इंजीनियर का जॉब कर रहे 45 वर्षीय राजेश यादव नौकरी छोड़कर 2010 में पहली बार राजनीति की तरफ मुखातिब हुए।
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तब वह पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य चुने गए। इसके बाद 2017 ज्ञानपुर विधानसभा से बसपा के टिकट पर वह मैदान में उतरे और मोदी लहर में तीसरा स्थान हासिल किया। पिछले विधानसभा चुनाव से पूर्व राजेश यादव के व्यक्तित्व को कम लोग ही जानते रहे होंगे।

जिला पंचायत सदस्य रहने के दौरान भी उनकी राजनीतिक सक्रियता उल्लेखनीय नहीं रही। लेकिन, धीरे-धीरे वह सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनते गए और 2017 आते-आते एकदम से चर्चा में आ गए।

तब तक उन्हें बसपा से चुनाव का टिकट मिल गया और वह विधानसभा प्रभारी भी बना दिए गए थे। राजेश यादव के नजदीकियों की मानें तो वह ईंट भट्ठे के कारोबार और ठेकेदारी भी जुड़े थे।

राजेश यादव अपने परिवार के साथ इलाहाबाद में ही रहते थे, जबकि माता-पिता और अन्य परिवारीजन यहां गांव पर रहते थे। गौरतलब है कि राजेश यादव की इलाहाबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। 
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गांव में मातम

राजेश यादव का शव घर पहुंचने के बाद जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
पैतृक गांव दुगुना में मंगलवार शाम को राजेश यादव का शव पहुंचा तो घरवालों को ढांढस बंधाने वालों की भारी भीड़ जुट गई। उधर, घटना को लेकर लोगों में रोष देखा गया।

इसके मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शव के आने की खबर मिलते ही कोइरौना थाने की भारी-भरकम पुलिस दुगुना गांव में तैनात की गई थी। घटना को लेकर इलाहाबाद में हुए उपद्रव को देखते हुए कटरा बाजार और बसपा नेता के गांव दुगुना में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई।

शाम तकरीबन पौने पांच बजे बसपा नेता का शव दुगुना गांव पहुंचा। जानकारी मिलते ही ज्ञानपुर एसडीएम, सीओ ज्ञानपुर और कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी के जवान भी गांव में तैनात कर दिए गए।

बसपा नेता के आवास पर बसपा के कई बड़े नेता भी पहुंचे थे। मिर्जापुर मंडल के जोनल इंचार्ज कमलाशंकर भारती समेत बसपा लोकल बॉडी के तमाम नेता उनके आवास पर पहुंच गए। बसपा नेताओं ने हत्या की जांच कराने की मांग की।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर भी बुधवार को पहुंचेंगे। राजेश यादव की हत्या को लेकर पार्टी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा में अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है। बसपा के मिर्जापुर जोनल इंचार्ज और जिलाध्यक्ष ने परिवार को एक करोड़ मुआवजा और अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। 
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