डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि मनोज की दुकान से लेकर घटनास्थल के बीच के सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो बदमाश अंशू और चंदन चिह्नित हुए। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच शाम के समय चितईपुर से लंका की तरफ जा रहे दोनों बदमाशों की सूचना पर लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र ने डाफी टोल प्लाजा के समीप घेराबंदी की।
इस बीच बदमाशों का पीछा करते हुए चितईपुर थानाध्यक्ष संजय मिश्र व चौकी प्रभारी पंकज पांडेय और काशी जोन की क्राइम टीम के दरोगा शैलेंद्र सिंह भी पहुंचे। पुलिस से घिरते देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अंशू के बाएं और चंदन के दाएं पैर में गोली लगी। डीसीपी काशी जोन ने बताया कि चंदौली की पुलिस की मदद से दोनों बदमाशों के आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में दोनों बदमाशों ने बताया कि मनोज सेठ रोजाना आभूषण की दुकान बंद करने के बाद बटुकभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करने जाते थे। इसकी जानकारी उन्हें हुई तो दोनों ने तीन-चार दिन उनकी रेकी की। करौंदी स्थित आईटीआई के समीप अंधेरा रहने के कारण वह स्थान घटना को अंजाम देने के लिए दोनों ने चुना। दोनों ने लूट की नीयत से व्यापारी मनोज सेठ पर तीन राउंड फायरिंग की थी। मगर, एक गोली ही उन्हें लगी और उसके बाद भी वह बाइक यू-टर्न कर हैदराबाद गेट की ओर भाग निकले। इसके चलते दोनों को करौंदी चौराहा की ओर भागना पड़ा था।