आजादी के अमृत महोत्सव के तहत काशी प्रांत की ओर से मंडल में आज से आयोजन शुरू होंगे। एक महीने तक चलने वाले महोत्सव में तिरंगा यात्रा, भारत माता की झांकी, आरती और सामूहिक वंदेमातरम का आयोजन आकर्षण का केंद्र होगा। शहर में 21 जगहों पर एक साथ उद्घाटन के आयोजन आरंभ होंगे। यह जानकारी काशी प्रांत के अमृत महोत्सव के सहसंयोजक डॉ. शुकदेव त्रिपाठी व कमलनयन ने पराड़कर भवन में दी।
डॉ. शुकदेव त्रिपाठी ने बताया कि 19 नवंबर से एक महीने के अमृत महोत्सव की शुरुआत होगी और यह 19 दिसंबर तक चलेगा। 20 से 30 नवंबर तक 117 स्थानों पर एक साथ तिरंगा यात्रा, एक से 15 दिसंबर तक भारत माता की आरती 464 जगहों पर होगी। वहीं 16 दिसंबर को शहर दक्षिणी और उत्तरी में सामूहिक वंदेमातरम में एक-एक लाख लोग शामिल होंगे।
डॉ. त्रिपाठी व कमलनयन ने कहा कि स्वाधीनता का संघर्ष इस ‘स्व’ की पुनर्स्थापना के लिए किया जाने वाला चरम प्रयास था, इसीलिए इस आंदोलन के गर्भ से सर्वोदय, स्वदेशी, स्वराज्य, स्वशासन, स्वभाषा, स्वशिक्षा, स्व राजनीतिक-आर्थिक- सामाजिक-सांस्कृतिक आदि अवधारणाओं का जन्म हुआ। यह अमृत महोत्सव हमें अवसर प्रदान करता है, अपनी जड़ों से जुड़ने का, अपने इतिहास बोध को सही और सुदृढ़ करने का, स्वत्व, स्वबोध और स्वाभिमान को जागृत करने का और यदि हम कहीं भटक गए हों तो अपने को ठीक करने का।
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सामनेघाट पर आज शुरू होगा अमृत महोत्सव
लंका स्थित माधव कार्यालय में अमृत महोत्सव की बैठक संपन्न हुई। कार्यक्रम संयोजक धैर्यवर्धन ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 19 नवंबर से लेकर 16 दिसंबर तक कार्यक्रम तय किए हैं। सामनेघाट स्थित महेशनगर सरस्वती शिशु मंदिर में कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. ओमकार राय करेंगे। मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. प्रवेश भारद्वाज भारत के गौरवशाली इतिहास पर व्याख्यान देंगे।