अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि वह अपनी बात पर अटल हैं और महादेव का पूजन करके रहेंगे। ब्रह्मचारी हृदयानंद ने सुबह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्वास्थ व शक्ति के लिए 1008 बार साष्टांग दंडवत प्रणाम किया। वहीं शाम को सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया।
आश्रम की ओर से जारी सूचना के अनुसार अन्न-जल त्याग करने का असर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सेहत पर पड़ रहा है। चार जून को उनका ब्लड प्रेशर 133-86 रहा, वजन 78 किलो था। वहीं पांच जून को उनका ब्लड प्रेशर 140-92 हो गया और वजन तीन किलो कम होकर 75 किलोग्राम हो गया था।
शुगर का मरीज होने के कारण उनके शिष्य उनकी सेहत को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने प्रशासन को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सेहत में गिरावट के बारे में जानकारी दे दी है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर ज्ञानवापी स्थित श्री आदि विश्वेश्वर की पूजा-पाठ, राग-भोग की अनुमति मांगी है।
अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से वाद दाखिल किया है। दीवानी की अदालत ग्रीष्मावकाश के कारण बंद है। ऐसे में इस मामले को देखते हुए वाद की सुनवाई वेकेशन जज के न्यायालय में करने की मांग की गई। जिला जज की अदालत ने यह प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए छह जून की तिथि मुकर्रर की है।