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वाराणसी: उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश बोले- समाज में सम्मान का अधिकार चाहती हैं आज की नारी

Sat, 30 Oct 2021 09:37 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के नदेसर स्थित होटल ताज में महिला सशक्तीकरण के राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ हुआ। बतौर अतिथि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस यूयू ललित ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का मुख्य आधार नारी शिक्षा है। 
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उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस यूयू ललित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस यूयू ललित ने कहा कि आज की नारी समाज में अपनी योग्यतानुसार समाज में अपना स्थान बनाने और सम्मान पाने का अधिकार चाहती हैं। वह चाहती हैं कि पुरुषों के समान दर्जा मिले। शनिवार को वाराणसी के नदेसर स्थित होटल ताज में महिला सशक्तीकरण के राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ करते हुए बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि असल में महिला सशक्तीकरण का मुख्य आधार ही नारी शिक्षा है। 

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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जब से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण अस्तित्व में आया है, तब से महिला जागरूकता में राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से अब तक लगभग 15 लाख महिलाएं लाभांवित हुई हैं।

कानून कई पर महिलाओं को जागरूक होना जरूरी : जस्टिस राजेश बिंदल
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजेश बिंदल ने कहा कि महिलाओं से संबंधित अनेक कानून अस्तित्व में हैं, लेकिन उनके बारे में महिलाओं को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में रेलवे स्टेशनों पर कियोस्क लगाए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से महिला अधिकारों एवं विधिक सहायता की जानकारी लाखों यात्रियों को प्रतिदिन दी जा रही है।

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महिला सशक्तीकरण के राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ - फोटो : अमर उजाला
जल्द ही वैवाहिक विवादों के निस्तारण के लिए प्रीलिटिगेशन (मुकदमेंबाजी से पूर्व) स्तर पर विशेष लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि पढ़ी-लिखी महिलाओं का उत्पीड़न ज्यादा होता है, जबकि ऐसी महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति आवाज उठानी चाहिए।
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उत्तर प्रदेश अधिकतम वादों का निस्तारण करने में प्रथम

कार्यक्रम के दौरान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी ने कहा कि 10 जुलाई व 11 सितंबर 2021 को आयोजित लोक अदालतों में उत्तर प्रदेश द्वारा अधिकतम वादों का निस्तारण करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्तिगण कृष्ण मुरारी, विक्रम नाथ, उच्च इलाहाबाद के न्यायमूर्तिगण सुनीता अग्रवाल, केजे ठाकर, मंजू रानी चौहान, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव अशोक कुमार जैन, निदेशक पुनीत सहगल, अवर सचिव कमल सिंह, निदेशक जेटीआरआई आरएमएन मिश्रा आदि मौजूद रहे। संचालन अपर निदेशक जेटीआरआई राजीव महेश्वरम, व धन्यवाद ज्ञापन न्यायमूर्ति प्रितींकर दिवाकर ने किया।
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