खरगूपुर निवासी विकास मिश्रा का बृहस्पतिवार को जन्मदिन था। यही कारण रहा कि जन्मदिन मनाने के लिए अखिलेश मिश्रा भी लखनऊ से साथियों के साथ चल दिया था। हादसे में मृत अखिलेश लखनऊ में रहकर एमआर का काम करता था, अपने मित्र विकास मिश्र व गांव वालों को लखनऊ पहुंचने की सूचना पर उनसे मिलने चला गया। दोस्त विकास का जन्मदिन था, इसलिए विकास उसे जबरिया अपने साथ गांव ला रहा था। घर जल्द पहुंचने के लिए अखिलेश ही गाड़ी चला रहा था। हादसे में दोनों दोस्त एक साथ दुनिया को अलविदा कह दिए।
मां-बाप का एकलौता पुत्र विकास के जन्मदिन की तैयारियां घर में चल रही थी। परिजन उसे लखनऊ जाने से मना भी किए लेकिन वह नहीं माना। बिलखते हुए परिजन यही कह रहे थे कि काश बात मान लिया होता तो यह दिन नहीं देखना पड़ता।
रूपापुर निवासी कैलाश नाथ उर्फ गिरीश शुक्ला का शव घर पहुुंचते ही कोहराम मच गया। स्व. पंडित विनोद शुक्ला के चार बेटों में सबसे बड़े पुत्र कैलाश नाथ उर्फ गिरीश शुक्ला एक निजी स्कूल में प्रधानाध्यापक थे। दो बेटे और एक बेटी के पिता कैलाश की मौत से परिवार में मातम फैला हुआ है।